सलूंबर में ‘नारी चौपाल’ का आयोजन, बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मरक्षा के प्रति किया जागरूक
सलूंबर में ‘नारी चौपाल–सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज सप्ताह’ के तहत बालिकाओं को कानूनी अधिकारों, स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता और आत्मरक्षा की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं, सहायता केंद्रों और प्रतियोगिताओं के माध्यम से जागरूकता बढ़ाई गई।

सलूंबर में ‘नारी चौपाल–सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज सप्ताह’ के तहत आयोजित जागरूकता कार्यक्रम।
जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग, सलूंबर के संयुक्त तत्वावधान में ‘नारी चौपाल–सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज सप्ताह’ के अंतर्गत वीरबाला कालीबाई राजकीय जनजातीय बालिका आश्रम छात्रावास, डाल रोड, सलूंबर में जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशाला एवं संवाद सत्र आयोजित किया गया। सहायक निदेशक मोतीलाल मीना के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में बालिकाओं और किशोरियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा, आत्मरक्षा तथा कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बालिकाओं को उनके अधिकारों, सरकारी योजनाओं और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी दी। इसका उद्देश्य बालिकाओं को जागरूक बनाने के साथ उन्हें अपनी सुरक्षा के प्रति सजग और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा।
न्याय विभाग की ओर से अपर जिला न्यायाधीश विनीत कुमार ने बालिकाओं को कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सेवाओं और विधिक सेवा प्राधिकरण की भूमिका के बारे में बताया। उन्होंने पॉक्सो अधिनियम एवं घरेलू हिंसा अधिनियम सहित महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा से संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी, ताकि बालिकाएं अपने अधिकारों को समझ सकें और आवश्यकता पड़ने पर उपलब्ध कानूनी सहायता का लाभ उठा सकें।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चिकित्सा अधिकारी डॉ. रिद्धि रोत ने एनीमिया, यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता एवं प्रबंधन और मानसिक स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, पौष्टिक आहार लेने और अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
पुलिस विभाग की कालिका पेट्रोलिंग टीम ने आत्मरक्षा प्रशिक्षण के महत्व, स्वयं की सुरक्षा और विपरीत परिस्थितियों में सतर्कता बरतने के बारे में बताया। टीम ने बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ परिस्थितियों का सामना करने, अपनी सुरक्षा के प्रति सजग रहने और आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया।
बालिकाओं की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए कार्यक्रम में पोस्टर, क्विज एवं मेहंदी प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली बालिकाओं को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
महिला अधिकारिता विभाग की ओर से बालिकाओं को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, लाडो प्रोत्साहन योजना एवं शिक्षा सेतु योजना सहित विभिन्न विभागीय योजनाओं के उद्देश्यों और लाभों की जानकारी दी गई। इसके साथ ही वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र तथा पन्ना धाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध सेवाओं के बारे में भी बताया गया। बालिकाओं को अवगत कराया गया कि आवश्यकता पड़ने पर इन केंद्रों के माध्यम से महिलाओं एवं बालिकाओं को सहायता, परामर्श और सुरक्षा संबंधी सेवाएं उपलब्ध करवाई जाती हैं।
कार्यक्रम में वीरबाला कालीबाई राजकीय जनजातीय बालिका आश्रम छात्रावास, डाल रोड, सलूंबर तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय टाइप-4 की छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान दोनों संस्थानों के वार्डन, बालिकाएं, विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। वन स्टॉप सेंटर, महिला सुरक्षा एवं सलाह केंद्र तथा पन्ना धाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र के कार्मिकों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की।
‘नारी चौपाल–सशक्त बालिका, सुरक्षित समाज सप्ताह’ के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, कानूनी अधिकारों और आत्मरक्षा से जुड़े विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के साथ बालिकाओं को सरकारी योजनाओं एवं सहायता केंद्रों की जानकारी उपलब्ध कराई गई। कार्यक्रम के माध्यम से बालिकाओं को अपने अधिकारों को समझने, स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने और स्वयं की सुरक्षा के प्रति सजग रहते हुए आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।

Kalpita Bhavsar (Salumber)
कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।
