सलूंबर। देश में किसी भी आपात स्थिति के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और तैयारियों के सटीक आकलन हेतु केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं राजस्थान सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आगामी 20 अप्रैल, सोमवार को सलूंबर जिले में वृहद स्तर पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि यह अभ्यास सायं 8:00 बजे से 8:10 बजे तक जिला परिवहन कार्यालय पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान हवाई हमले की पूर्व सूचना देने वाली चेतावनी प्रणाली को सक्रिय करने के साथ-साथ ब्लैक आउट के निर्देशों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में डॉ. सापेला ने समस्त राजकीय विभागों को हाई अलर्ट मोड पर रहने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि हवाई हमले की स्थिति में आगजनी अथवा भवनों के क्षतिग्रस्त होने पर पीड़ितों के त्वरित बचाव कार्यों की प्रभावशीलता जांची जाएगी। इस ड्रिल में स्थानीय प्रशासन के साथ पुलिस, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, पेयजल, विद्युत विभाग और बीएसएनएल सहित विभिन्न संगठनों की सक्रिय सहभागिता रहेगी। इसके अतिरिक्त स्थानीय शिक्षण संस्थाओं के स्काउट गाइड स्वयंसेवक, गैर सरकारी संगठन (NGO) और वॉलिंटियर्स भी अधिकारियों व कार्मिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी भूमिका निभाएंगे।

अतिरिक्त जिला कलक्टर ने आमजन से अपील की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण अभ्यास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देशित किया कि जैसे ही आपातकालीन सायरन की आवाज सुनाई दे, जिले के समस्त नागरिक अपने घरों, निजी व सार्वजनिक संस्थानों की रोशनी, रोड लाइट और परिवहन साधनों की लाइटें बंद कर 'ब्लैक आउट' के नियम का पालन करें। यह आयोजन न केवल प्रशासनिक दक्षता को परखने का माध्यम है, बल्कि संकट काल में जान-माल की रक्षा के लिए आम नागरिक की सजगता और तत्परता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक निर्णायक कदम सिद्ध होगा।




Kalpita Bhavsar (Salumber)

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कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।

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