सलूम्बर, 17 मई। राजस्थान के सलूम्बर जिले में जल संकट के स्थाई समाधान और कृषि विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। जल संसाधन विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा सलूम्बर जिले की सराड़ा तहसील के अंतर्गत ग्राम खराड़, ग्राम पंचायत पाल सराड़ा में लिम्जिया (पंडेर) एनीकट निर्माण कार्य के लिए ₹10 करोड़ 54 लाख 28 हजार की विशाल प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की मंजूरी से संपूर्ण क्षेत्र के ग्रामीण और कृषक समाज में हर्ष की लहर दौड़ गई है।

जल संसाधन विभाग, जयपुर द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, उक्त निर्माण कार्य के लिए एएस-एफएस आईडी 316909 (AS-FS ID 316909) के तहत यह प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना के धरातलीय क्रियान्वयन की जिम्मेदारी कार्यकारी अभियंता, जल संसाधन खंड, सलूम्बर को सौंपी गई है, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप कार्य को गति देंगे। विभाग द्वारा इस पूरी परियोजना को पूर्ण करने की अनुमानित अवधि 18 माह निर्धारित की गई है, जिसके भीतर निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाना अनिवार्य होगा।

इस एनीकट का निर्माण क्षेत्र के पारिस्थितिक तंत्र और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए मील का पत्थर साबित होने जा रहा है। कार्य पूर्ण होने पर क्षेत्र में व्यापक स्तर पर वर्षाजल संरक्षण हो सकेगा, जिससे लगातार गिरते भूजल स्तर में अभूतपूर्व सुधार आएगा। इसके साथ ही सिंचाई सुविधाओं के विस्तार में इस परियोजना का महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के अन्नदाताओं को जल की उपलब्धता में बहुत बड़ी राहत नसीब होगी। लिम्जिया (पंडेर) एनीकट के निर्माण से आस-पास स्थित खेतों के काश्तकार पानी को लिफ्ट करके अपने खेतों में सिंचाई हेतु सुगमता से उपयोग में ले सकेंगे। यही नहीं, भूजल स्तर सुधरने से पेयजल संकट का निवारण होगा और क्षेत्र के मवेशियों व पशुओं के लिए भी पर्याप्त जल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

भौगोलिक और सामाजिक दृष्टि से यह पूरा क्षेत्र जनजातीय बाहुल्य है, जहां स्थानीय आबादी की आजीविका का मुख्य और एकमात्र साधन कृषि ही है। पानी की सुनिश्चित उपलब्धता होने से न केवल फसलों की पैदावार बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे रोजगार की तलाश में क्षेत्र से होने वाला पलायन काफी हद तक कम हो जाएगा। इस एनीकट के निर्माण से सीधे तौर पर खराड़, पाल सराड़ा, पंडेर एवं सुरखंड खेड़ा गांवों के हजारों ग्रामीणों को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा। जिला प्रशासन एवं जल संसाधन विभाग ने संयुक्त रूप से बताया कि इस दूरदर्शी परियोजना से क्षेत्र के ग्रामीणों एवं कृषकों को दीर्घकालीन लाभ प्राप्त होगा तथा राजस्थान सरकार के जल संरक्षण अभियान को जमीनी स्तर पर अभूतपूर्व मजबूती मिलेगी।

Pratahkal HQ

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