सलूम्बर: देशभक्ति के रंग में रंगा लसाडिया, सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर विद्या निकेतन के नन्हे कदम ताल से गूंजा नगर
सलूम्बर के लसाडिया में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर विद्या निकेतन के 200 विद्यार्थियों ने निकाला भव्य पथ संचलन। घोष की ताल पर थिरकते कदमों और देशभक्ति के नारों से गूंजा पूरा नगर। महावीर पटेल, वी सी चौधरी और अन्य गणमान्य अतिथियों ने केसरिया झंडी दिखाकर किया रवाना। देखिए कैसे नन्हे देशभक्तों ने जगाई राष्ट्रवाद की अलख।

लसाडिया (सलूम्बर)। स्वाधीनता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जन्म जयंती के पावन अवसर पर आज सलूम्बर जिले का लसाडिया कस्बा पूरी तरह देशभक्ति के जज्बे में सराबोर नजर आया। स्थानीय विद्या निकेतन उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अदम्य साहस और अनुशासन का परिचय देते हुए भव्य पथ संचलन निकाला, जिसने समूचे नगर में राष्ट्रवाद की नई ऊर्जा का संचार कर दिया। जब घोष की गूंज के साथ नन्हे कदम एक लय में आगे बढ़े, तो हर ओर से उन पर पुष्प वर्षा हुई और भारत माता के जयकारों से आकाश गुंजायमान हो उठा।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ एकलिंग नाथ महादेव मंदिर प्रांगण में गौरवपूर्ण उत्साह के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंध समिति के प्रतिष्ठित सदस्य महावीर पटेल, वी सी चौधरी, उदय लाल मीणा सहित विद्यालय के पूर्व छात्र चिराग गर्ग और पीयूष प्रजापत ने संयुक्त रूप से केसरिया झंडी दिखाकर संचलन को रवाना किया। इस अवसर पर प्रबंध समिति के समस्त पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। केसरिया झंडा फहराते ही घोष की मधुर और वीर रस से ओतप्रोत धुनों पर लगभग 200 भैया-बहनों ने कदम से कदम मिलाकर अनुशासित मार्च पास्ट शुरू किया।
यह भव्य पथ संचलन एकलिंग नाथ महादेव मंदिर से प्रारंभ होकर कस्बे के प्रमुख मार्गों से गुजरा। संचलन का कारवां पुराना बस स्टैंड, गणेश चौक, प्रजापत गली, चमनपुरा और बस स्टैंड होते हुए सदर बाजार पहुंचा। नगर के जिस भी मार्ग से यह संचलन गुजरा, वहां के निवासी नन्हे देशभक्तों के अनुशासन और देशप्रेम को देख मंत्रमुग्ध हो गए। घोष की ताल पर थिरकते कदम और हाथों में तिरंगा लिए इन बच्चों ने नेताजी के 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' के नारे को जीवंत कर दिया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद कुमार शर्मा और कार्यक्रम प्रभारी शंकर लाल मीणा की मुख्य भूमिका रही। उनके कुशल नेतृत्व में समस्त आचार्य और दीदी ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए संचलन को सफल बनाया। अंत में, यह संचलन पुनः अपने गंतव्य स्थल एकलिंग नाथ महादेव मंदिर प्रांगण पहुंचकर संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक औपचारिकता मात्र नहीं, बल्कि नई पीढ़ी में महापुरुषों के प्रति सम्मान और राष्ट्र सेवा के संकल्प को सुदृढ़ करने का एक सशक्त माध्यम सिद्ध हुआ, जिसकी चर्चा आज पूरे लसाडिया क्षेत्र में हो रही है।

