सलूम्बर। सलूम्बर जिले के लसाडिया उपखण्ड अंतर्गत दूरस्थ क्षेत्रों में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना ग्रामीणों के लिए वरदान बनने के बजाय प्रशासन की अनदेखी के चलते अभिशाप साबित हो रही है। लसाडिया ब्लॉक की ग्राम पंचायत घाटा में वर्ष 2021-22 में जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकियां आज भी धरातल पर चालू नहीं हो सकी हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीण जगदीश बोड ने बताया कि राजस्व गांव घाटा, करनागढ़ और लालपुरा के कुड़ी फला में दो वर्ष पूर्व आए तेज हवा और तूफान के कारण टंकी पर लगी सौर ऊर्जा प्लेटें नीचे गिरकर टूट गई थीं। इस तकनीकी खराबी और बदहाली को लेकर कई बार ब्लॉक स्तरीय प्रशासन से लेकर जिला कलेक्टर महोदय तक को लिखित और मौखिक रूप से अवगत करवाया गया, किंतु स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि शिकायत के बाद ठेकेदार मौके पर आया तो सही, लेकिन बिना मरम्मत किए ही वापस लौट गया।

वर्तमान में जल जीवन मिशन के तहत निर्मित इन टंकियों का 'ना कोई धनी है, ना कोई धोरी', जिसके कारण पूरी योजना की हालत अत्यंत गंभीर हो गई है। ग्राम पंचायत घाटा के भीतर पाइप लाइनें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं और जहां-जहां नल लगाए गए थे, वे पूरी तरह टूट चुके हैं। योजना की विफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरी पंचायत में अभी भी लगभग 60 प्रतिशत जल जीवन मिशन के कनेक्शन होने बाकी हैं। इसके अतिरिक्त, पाइप लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सीसी रोड को भी ठेकेदार द्वारा उसी खस्ताहाल स्थिति में छोड़ दिया गया है, जिससे आवागमन में भी परेशानी हो रही है। आक्रोशित ग्रामवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस गंभीर समस्या का त्वरित समाधान नहीं किया गया, तो वे उग्र धरना-प्रदर्शन और घेराव करेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

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