सलूंबर में गरबा महोत्सव की धूम, पारंपरिक धुनों पर थिरके युवा
नवरात्रि के अंतिम दिनों में सलूंबर के विभिन्न पांडालों में सजे गरबा आयोजन, डांडिया खनक से गूंजे परिसर

सलूंबर में नवरात्रि के अंतिम दिन गरबा खेलते हुए श्रद्धालु.
सलूंबर। नवरात्रि के अंतिम दिनों में सलूंबर शहर गरबा की खनक, गुजराती गीतों की मधुर धुन और मां दुर्गा की भक्ति के रंग में सराबोर नजर आया। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे गरबा पांडालों में शाम ढलते ही रौनक बढ़ने लगी और देर रात तक युवक-युवतियां पारंपरिक गरबा की धुनों पर थिरकते रहे। मां की आराधना के साथ आयोजित गरबा महोत्सव ने शहर में उत्सव का माहौल बना दिया।
शहर के राजमहल प्रांगण स्थित बाण माता परिसर, बद्रीविशाल मंदिर परिसर, पुर्बिया समाज के कालिका माता मंदिर परिसर, माहेश्वरी समाज पंचायती भवन, खटीकवाड़ा गरबा चौक तथा कृष्ण नगर दूदर स्थित लवकुश परिसर सहित अन्य स्थानों पर गरबा महोत्सव आयोजित किए गए। इन आयोजनों में श्रद्धालुओं और गरबा प्रेमियों की भीड़ उमड़ी। सभी आयोजन स्थलों पर भक्ति, संगीत और उत्साह का संगम देखने को मिला।
नवरात्रि के नौवें दिन गरबा पांडालों में उत्साह चरम पर रहा। पारंपरिक परिधानों में सजे युवक-युवतियां गुजराती गीतों और गरबा की धुनों पर कदम से कदम मिलाते नजर आए। गरबा खेलने वालों की टोलियां गोल घेरे में घूमते हुए पारंपरिक अंदाज में नृत्य करती रहीं, वहीं कुछ प्रतिभागियों ने अपनी शानदार ताल और आकर्षक अंदाज से लोगों का ध्यान खींचा।
संगीत की हर धुन के साथ गरबा खेलने वालों का उत्साह बढ़ता गया और डांडियों की खनक से पूरा परिसर गूंज उठा। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे पांडालों में पारंपरिक वेशभूषा और आकर्षक सजावट ने आयोजन की रौनक बढ़ाई। गरबा खेलने वाले युवक-युवतियों के साथ बड़ी संख्या में लोग भी आयोजन देखने पहुंचे। नवरात्रि के नौवें दिन सलूंबर में विभिन्न स्थानों पर आयोजित गरबा महोत्सव ने मां दुर्गा की आराधना के साथ पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक उत्साह की छटा बिखेरी।

Kalpita Bhavsar (Salumber)
कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।
