सलूंबर में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, 7 हजार किलो एक्सपायर्ड चाय पत्ती जब्त, पांच नमूने जांच को भेजे
सलूंबर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने 7 हजार किलो एक्सपायर्ड चाय पत्ती जब्त कर पांच नमूने जांच के लिए भेजे। लाइसेंस सहित कई गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं।

तस्वीर में सलूंबर स्थित एक व्यापारिक प्रतिष्ठान के गोदाम में खाद्य सुरक्षा दल के सदस्य और कर्मचारी बोरियों तथा पैकिंग मशीन के पास खड़े होकर निरीक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं।
राज्य सरकार के शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत सलूंबर जिले में खाद्य पदार्थों के निरीक्षण और नमूनीकरण की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी क्रम में गुरुवार को जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनेद पी.पी. तथा अभिहित अधिकारी (खाद्य सुरक्षा) एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा दल ने परशुराम चौक, अदकालिया स्थित मैसर्स विजवा ट्रेडिंग कंपनी पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान फर्म में लगभग 198 बैगों में रखी करीब 7,000 किलोग्राम अवधि पार (एक्सपायर्ड) चाय पत्ती बरामद की गई। जब्त चाय पत्ती की अनुमानित बाजार कीमत करीब 19 लाख रुपये आंकी गई है। जांच में यह भी सामने आया कि उक्त चाय पत्ती को मशीनों के माध्यम से अलग-अलग पैकिंग में वाघसवरी ब्रांड नाम से पैक कर बिक्री के लिए तैयार किया जा रहा था।
मिलावट और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा दल ने संपूर्ण अवधि पार चाय पत्ती जब्त कर ली। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत अलग-अलग बैचों के पांच नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। सभी नमूनों को जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान फर्म में कई अन्य गंभीर अनियमितताएं भी सामने आईं। जांच में पाया गया कि फर्म के पास निर्धारित श्रेणी का लाइसेंस नहीं था तथा रिटेलर श्रेणी के लाइसेंस पर पैकिंग एवं निर्माण कार्य किया जा रहा था। इसके अलावा मौके पर कार्यरत कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं मिले। पेस्ट कंट्रोल प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत नहीं किया गया तथा अवधि पार खाद्य सामग्री को पुनः निर्माता फर्म को लौटाने संबंधी कोई प्रमाण भी उपलब्ध नहीं कराया गया।
अभिहित अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार ने बताया कि इन कमियों के संबंध में फर्म को धारा-32 के तहत इम्प्रूवमेंट नोटिस जारी किया जाएगा। निर्धारित समय में नोटिस की पालना नहीं करने पर फर्म का लाइसेंस निरस्त करते हुए अधिनियम के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि एफएसएसएआई के नए नियमों के अनुसार भ्रामक प्रचार-प्रसार कर बेचे जा रहे खाद्य उत्पादों से उपभोक्ताओं को बचना चाहिए तथा ऐसी किसी भी जानकारी की सूचना विभाग को दें, ताकि आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा दल द्वारा नियमित रूप से अभियान चलाया जा रहा है।
डॉ. परमार ने आमजन से अपील की कि खाद्य पदार्थों में मिलावट की सूचना राज्य सरकार के सुगम पोर्टल 181 अथवा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय के कंट्रोल रूम को दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत मिलावटखोरों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है तथा अपराध सिद्ध होने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अनुसार सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कार्रवाई में प्रशिक्षु खाद्य सुरक्षा अधिकारी राकेश पुष्करणा, निशा मीणा एवं सहायक शूरवीर सिंह भी उपस्थित रहे।

Pratahkal Bureau
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