पुराने जिला अस्पताल को नए जिला अस्पताल में शिफ्ट करने की तैयारियों को लेकर शनिवार को जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित डीओआईटी वीसी कक्ष में जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। बैठक में अस्पताल शिफ्टिंग से जुड़ी व्यवस्थाओं, सुरक्षा, यातायात, विद्युत, पेयजल, सड़क, फायर सेफ्टी सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

कलेक्टर ने नए अस्पताल में शिफ्टिंग की पूरी प्रक्रिया का व्यवस्थित लेआउट तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिफ्टिंग से पहले मॉक ड्रिल आयोजित कर पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की जाए, ताकि वास्तविक शिफ्टिंग के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही शहर के आसपास स्थित सब-सेंटरों को व्यवस्थित रखने और वहां तक मरीजों एवं आमजन की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

संयुक्त निरीक्षण कर पांच दिन में प्रमाण-पत्र देने के निर्देश

कलेक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग, चिकित्सा विभाग, विद्युत विभाग, पीएचईडी, फायर सेफ्टी सहित संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से नए अस्पताल का निरीक्षण कर प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान छोटी से छोटी आवश्यकता और संभावित कमी को भी चिन्हित किया जाए तथा आगामी पांच दिनों में संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

पुलिस विभाग को शिफ्टिंग के दौरान पर्याप्त पुलिस जाप्ता तैनात रखने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने नए अस्पताल परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने को भी कहा। अस्पताल परिसर में प्रवेश एवं निकास की निर्धारित व्यवस्था के अलावा अनावश्यक आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा अस्पताल के आसपास किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को लेकर सख्ती बरतने के निर्देश दिए गए।

बैठक में चिकित्सा विभाग से जुड़ी व्यवस्थाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने नए अस्पताल में बायो मेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, मेडिकल फार्मेसी, पावर बैकअप, लॉन्ड्री, इंटरनेट कनेक्टिविटी और रोड लाइटिंग सहित आवश्यक व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बड़े उपकरणों की फिटिंग से पहले संबंधित इंजीनियर से आवश्यक निरीक्षण करवाया जाए और सभी मशीनों की फिटिंग एवं संचालन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

अस्पताल तक पहुंचने वाली सड़क और परिवहन व्यवस्था पर भी निर्देश

कलेक्टर ने सार्वजनिक निर्माण विभाग को नए अस्पताल तक पहुंचने वाली सड़क को दुरुस्त करने तथा आवश्यक स्थानों पर दिशा-सूचक एवं सूचना संबंधी साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। नए अस्पताल के आसपास बस स्टैंड एवं सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया।

परिवहन विभाग को अस्पताल तक आमजन की सुगम आवाजाही के लिए पर्याप्त साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा ऑटो रिक्शा के किराए की दर निर्धारित करने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। कलेक्टर ने शिफ्टिंग के दिन आवश्यकतानुसार नर्सिंग स्टाफ एवं विद्यार्थियों की ड्यूटी लगाने के साथ ही सिविल डिफेंस के वॉलंटियर्स की सहायता लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिफ्टिंग की पूरी प्रक्रिया के दौरान व्यवस्थाओं की सतत निगरानी रखी जाए, जिससे किसी भी स्तर पर अव्यवस्था न हो।

अस्पताल परिसर के बाहर पेयजल, शौचालय, कैंटीन सहित आमजन की सुविधा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर भी चर्चा की गई। अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने नए अस्पताल की गूगल लोकेशन अपडेट करवाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों एवं उनके परिजनों को अस्पताल का सही स्थान खोजने में सुविधा हो।

अगले पांच दिन में संयुक्त रिपोर्ट, इसके बाद आगे बढ़ेगी शिफ्टिंग प्रक्रिया

कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए आगामी पांच दिनों में संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एवं सुरक्षा मानक सुनिश्चित होने के बाद ही अस्पताल शिफ्टिंग की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतन चावला, उपखंड अधिकारी जगदीश चंद्र बामनिया, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र परमार सहित चिकित्सा विभाग, प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Kalpita Bhavsar (Salumber)

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कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।

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