सलूंबर में 'ऑपरेशन शटर डाउन' और जल संरक्षण अभियान की समीक्षा
जिला कलेक्टर ने अवैध क्लिनिकों को सील करने और डिजिटल जनगणना-2027 के मकान सूचीकरण कार्य को 14 जून तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।

सलूंबर में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान विभिन्न शासकीय विभागों के अधिकारियों को निर्देशित करते जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी।
सलूंबर, 18 मई। आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा, जल स्रोतों का पुनरुद्धार और राष्ट्रीय महत्व के प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह से प्रतिबद्ध नजर आ रहा है। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी की अध्यक्षता में रविवार को सलूंबर में एक अत्यंत महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य रूप से 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान', अवैध चिकित्सा पद्धतियों के खिलाफ 'ऑपरेशन शटर डाउन' और आगामी 'जनगणना' कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलेक्टर ने विभिन्न शासकीय गतिविधियों की प्रगति का जायजा लेते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कार्मिक अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों में अभियान के दौरान कार्यों में अभूतपूर्व तेजी लाएं ताकि निर्धारित लक्ष्यों को समय सीमा में हासिल किया जा सके।
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने जल संकट से निपटने और पर्यावरण संतुलन के लिए 'वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान' की महत्ता पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि वंदे गंगा अभियान में जितने भी सहभागी विभाग शामिल हैं, वे केवल कागजी औपचारिकता न निभाकर अपनी-अपनी वास्तविक विभागीय जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। समस्त विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर व्यापक स्तर पर जन जागृति के लिए कार्य करना होगा ताकि पानी को सुरक्षित करके उसे बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी बन सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आम जनता को जल संरक्षण का सीधा संदेश देने के लिए धरातल पर श्रमदान, सघन पौधारोपण और स्वच्छता के विभिन्न कार्य युद्धस्तर पर करवाएं। मुख्यमंत्री जी द्वारा परंपरागत जल स्रोतों जैसे बावड़ियों, तालाबों, बांधों एवं अन्य जल स्रोतों की सफाई और उनके संरक्षण की दिशा में जो ऐतिहासिक कदम बढाया गया है, उसे हम सब को मिलकर एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना है।
बैठक के दौरान अभियान की वर्तमान गतिविधियों की तथ्यात्मक जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्तमान में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में तालाबों की सफाई, वर्षा जल संग्रहण, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, आमजन को जल संरक्षण की शपथ दिलाने सहित विभिन्न शैक्षणिक व सामाजिक प्रतियोगिताओं एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सघन जनजागरण किया जा रहा हैं। जिला कलेक्टर ने अब तक निष्पादित किये गये कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की तथा आगामी समय में सभी अधिकारियों व कार्मिकों को क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहकर कार्य करने के निर्देश दिये। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों के नदी, पोखर, नालों, तालाबों, बावड़ीयों आदि की पूरी तरह से साफ-सफाई करवाने के सख्त आदेश संबंधित अधिकारियों को दिये। साथ ही मानसून पूर्व गत बैठक में दिये गये निर्देशों की अक्षरसः पालना सुनिश्चित करने एवं आगामी समय में मानसून के दौरान पूर्ण रूप से सक्रिय एवं सतर्क रहकर कार्य करने के भी कड़े निर्देश दिये। जिला कलेक्टर ने वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान के तहत आयोजित की जाने वाली समस्त गतिविधियों व कार्यक्रमों की प्रामाणिक फोटो व वीडियो कार्यक्रम पूर्ण होने के तुरंत बाद संबंधित सरकारी पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपलोड करने के लिए संबंधित अधिकारियों को पाबंद किया। उन्होंने विभागवार निर्धारित की गई सभी गतिविधियों को तय समय सीमा पर पूर्ण करने की हिदायत दी। इस महत्वपूर्ण अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश चंद्र पाटीदार ने जिले में अब तक संचालित की गई समस्त गतिविधियों के बारे में विस्तार से प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
जल संरक्षण के साथ ही जिला प्रशासन ने आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले तत्वों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने बैठक में समीक्षा करते हुए बताया कि जिले के विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बिना किसी वैध पंजीकरण एवं आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता के अवैध क्लिनिक, फार्मेसी, आयुर्वेदिक व एलोपैथिक केंद्र, सोनोग्राफी तथा एक्सरे सेंटर धड़ल्ले से संचालित होने की गंभीर शिकायतें प्रशासन को प्राप्त हुई हैं। इन कथित झोलाछाप चिकित्सकों एवं अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर पूर्ण रूप से अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा “ऑपरेशन शटर डाउन” अभियान चलाने का एक बड़ा और कड़ा निर्णय लिया गया है। इस अभियान के दौरान बिना वैध डिग्री एवं अनिवार्य पंजीकरण के क्लिनिक संचालित करने वालों के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर उनके संस्थान को मौके पर ही सील करने की दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त फार्मेसी एवं ड्रग स्टोर पर प्रतिबंधित दवाओं की अवैध बिक्री की जांच, लाइसेंस की सघन स्क्रूटनी तथा सोनोग्राफी एवं एक्सरे केंद्रों पर पीएनडीटी एक्ट सहित अन्य सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों की कड़ाई से पालना सुनिश्चित करते हुए प्रभावी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। जिला कलेक्टर ने इस जनहितैषी अभियान में आमजन से भी सक्रिय सहयोग की पुरजोर अपील की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सजग नागरिक इस प्रकार की अवैध चिकित्सा गतिविधियों की गोपनीय सूचना जिला कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 02906-294900 पर दर्ज करा सकता है, और सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को पूर्णतः गुप्त रखा जाएगा। सभी उपखण्ड अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि इस अभियान के तहत की गई हर कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट मुख्य “ऑपरेशन शटर डाउन” सेल को अनिवार्य रूप से भेजी जाए, और यदि किसी भी स्तर पर जरा सी भी लापरवाही पाई गई, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों की व्यक्तिगत जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक के अंतिम चरण में जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय महत्व के जनगणना कार्यों की प्रगति पर भी अत्यंत गंभीर चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। जिले में आधुनिक एवं डिजिटल जनगणना-2027 के अंतर्गत मकान सूचीकरण का प्रथम चरण का कार्य सफलतापूर्वक प्रारंभ हो गया है। इस चरण में धरातल पर वास्तविक नज़री नक्शों के निर्माण का कार्य प्रशासनिक स्तर पर बेहद तेजी से किया जा रहा है। जिला कलेक्टर ने समय सीमा स्पष्ट करते हुए बताया कि सभी प्रगणक एवं पर्यवेक्षक आगामी 14 जून तक अनिवार्य रूप से घर-घर जाकर अपना फील्ड कार्य पूर्ण करेंगे। प्रारंभिक तीन दिनों के भीतर प्रगणक अपने-अपने सुपरवाइजरों व पर्यवेक्षकों के तकनीकी मार्गदर्शन में निर्धारित ब्लॉकों में पहुंचकर सैटेलाइट मैप के माध्यम से मकान सूचीकरण ब्लॉकों का वास्तविक नज़री नक्शा तैयार कर रहे हैं। इस कार्य के दौरान ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में स्थानीय नागरिकों का बेहतरीन सहयोग प्रशासन को मिल रहा है, जिससे फील्ड में तैनात प्रगणकों और पर्यवेक्षकों में कार्य के प्रति जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। जिला कलेक्टर ने इस राष्ट्रीय कार्य को पूरी गंभीरता, संवेदनशीलता एवं सावधानी के साथ संपादित करने के निर्देश देते हुए कार्मिकों को सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान कर प्रोत्साहित किया। उन्होंने रेखांकित किया कि जनगणना किसी भी लोकतांत्रिक राष्ट्र में भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं के निर्माण का मुख्य आधार होती है, और इसकी गुणवत्ता सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचने वाले आंकड़ों की शुद्धता से जुड़ी होती है। चूंकि इस बार की जनगणना आधुनिक एवं पूर्णतः डिजिटल स्वरूप में संपादित की जा रही है, इसलिए इससे डेटा की शुद्धता, पारदर्शिता एवं त्वरित विश्लेषण सुनिश्चित होगा। जनगणना से जुड़े प्रत्येक कार्मिक एवं अधिकारी को अपने इन दायित्वों का निर्वहन पूर्ण सजगता एवं उच्च जिम्मेदारी के साथ करना होगा। इस अति महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ दिनेश राय सापेला, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश चंद्र पाटीदार, सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) पुष्पक मीणा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ महेन्द्र परमार सहित जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

