सलूंबर, 17 मई। सलूंबर जिला मुख्यालय पर प्रशासनिक मुस्तैदी और जनराहत को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी की अध्यक्षता में रविवार को जिले के समस्त राजस्व एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में राजस्व प्रकरणों के शीघ्र, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष फोकस रखते हुए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह से सक्रिय करने के लिए व्यापक समीक्षा की गई।

बैठक की शुरुआत में जिला कलक्टर ने स्पष्ट किया कि राजस्व न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने समस्त उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे मामलों की नियमित मॉनिटरिंग करें और तय समयसीमा के भीतर हर हाल में विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें। भू-माफियाओं और अवैध कब्जों पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए कलक्टर ने राजकीय भूमि पर अतिक्रमण एवं पश्चातवर्ती अतिक्रमण के मामलों में बिना किसी ढिलाई के निरंतर प्रभावी कार्रवाई जारी रखने पर विशेष बल दिया।



बैठक के दौरान विधिक और प्रशासनिक प्रक्रिया से जुड़े कई गंभीर मामलों की गहन समीक्षा की गई। इसमें मुख्य रूप से गैर खातेदारी से खातेदारी अधिकार प्रदान करने से संबंधित लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई, जिस पर जिला कलक्टर ने इन प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के दो टूक निर्देश दिए। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के अकृषिक प्रयोजन हेतु संपरिवर्तन (कन्वर्जन) के लंबित मामलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। कलक्टर ने इन लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश देने के साथ-साथ, नियम 14 के तहत संपरिवर्तित भूमि के उपयोग एवं आवंटित राजकीय भूमि के समयबद्ध उपयोग की वर्तमान स्थिति की भी बारीकी से समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

आम जनता से सीधे जुड़े मामलों जैसे आम रास्ता, भू-राजस्व वसूली एवं बकाया की स्थिति पर भी बैठक में गहन मंथन हुआ, जहां जिला कलक्टर ने वित्तीय और प्रशासनिक सुदृढ़ता के लिए वसूली कार्य में और अधिक गति लाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, राजकीय प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ऑडिट पैरा की पालना, न्याय अनुभाग के प्रकरण, अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) से जुड़े मामलों को शीघ्र निस्तारित करने तथा जिले में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करते हुए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के कड़े निर्देश दिए गए।

बैठक के अंतिम चरण में सरकार की महत्वाकांक्षी बजट घोषणा 2026-27 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई। इसके अंतर्गत भूमि आवंटन, नामांतरण (म्यूटेशन), अवैध खनन की रोकथाम, सीमाज्ञान, पत्थरगढ़ी एवं फार्मर रजिस्ट्री से जुड़े लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने अंतिम संदेश में कहा कि सभी अधिकारी राजस्व प्रकरणों के निस्तारण में संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें, ताकि आमजन को शीघ्र राहत मिल सके और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ दिनेश राय सापेला, उपखंड अधिकारी आकांक्षा दूबे, उपखंड अधिकारी सुरेश बलाई, तहसीलदार आस्था रानी बामणिया तथा तहसीलदार मयूर शर्मा सहित जिले के समस्त उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार एवं राजस्व अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से अपनी रिपोर्ट के साथ उपस्थित रहे।

Pratahkal HQ

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