सलूंबर। विकसित ग्राम अभियान के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पी पी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय संवाद में जिले के समस्त उपखंड अधिकारियों, विकास अधिकारियों, ग्राम विकास अधिकारियों सहित संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने सहभागिता की। बैठक का स्वर कड़ा और दिशा-निर्देशात्मक रहा, जिसमें जिला कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि वर्ष 2047 तक विकसित एवं आत्मनिर्भर पंचायतों के स्वप्न को साकार करने के लिए ठोस और रणनीतिक कार्ययोजना अनिवार्य है।

जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनैद पी पी ने आधारभूत डाटा संकलन की महत्ता पर बल देते हुए प्रत्येक ग्राम विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि वे अपने पंचायत क्षेत्र के लिए सटीक एवं तथ्यात्मक डाटा अविलंब तैयार करें। उन्होंने योजनाओं के निर्माण को चरणबद्ध करने की आवश्यकता बताई ताकि गांवों का समग्र एवं संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके। डेटा प्रस्तुतीकरण में विलंब करने वाले अधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कलेक्टर ने कहा कि लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने पंचायतीराज के 28 महत्वपूर्ण विषयों को समाहित कर त्वरित, मध्यकालीन और दीर्घकालीन योजनाओं में प्राथमिकताओं के निर्धारण का आदेश दिया। त्वरित योजनाओं में जहां अत्यावश्यक जनहितकारी कार्य शामिल होंगे, वहीं दीर्घकालीन योजनाओं में ग्रामीणों की जीवनशैली सुधारने वाले स्थायी पहलुओं को केंद्र में रखा जाएगा।

सार्वजनिक संसाधनों के संरक्षण और संवर्धन पर ध्यान केंद्रित करते हुए जिला कलेक्टर ने चारागाह विकास, श्मशान भूमि और पार्क भूमि के विकास हेतु ठोस कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि विकास की इस प्रक्रिया में जनभागीदारी अनिवार्य हो, ताकि प्रत्येक नागरिक को अपने सुझावों का महत्व महसूस हो सके। उपखंड अधिकारियों को निरंतर मॉनिटरिंग और नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए, जबकि क्लस्टर प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर प्रगति की निरंतर समीक्षा करने को कहा गया।

अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने ग्राम विकास अधिकारियों से संवाद करते हुए बड़ी सोच के साथ तीन चरणों में योजनाएं बनाने का आह्वान किया। वहीं, बैठक में उपस्थित ग्राम विकास अधिकारियों ने मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति, नहरों के विकास, स्मार्ट गांव की संकल्पना, ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार और गांवों को सोलर ऊर्जा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने जैसे महत्वपूर्ण नवाचारों पर अपने सुझाव साझा किए। अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश चंद्र पाटीदार ने किसी भी ब्लॉक द्वारा अब तक शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की और समयबद्धता की सख्त हिदायत दी।

बैठक के समापन पर जिला कलेक्टर ने निर्देश दिया कि पंचायतीराज विषयों में वास्तविक आवश्यकताओं का सटीक आकलन कर बेसलाइन कार्य को शीघ्र ऑनलाइन अपलोड किया जाए, क्योंकि आगामी दिनों में उच्चाधिकारियों द्वारा इसका गहन निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाना प्रत्येक कार्मिक की व्यक्तिगत जिम्मेदारी बताया और कहा कि जहां लापरवाही पर दंड मिलेगा, वहीं उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को सम्मानित किया जाएगा। बैठक में नगर परिषद आयुक्त गणपत लाल खटीक, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी महेंद्र परमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व्यक्तिगत एवं वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।

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