कुर्सी का खेल आखिरी दौर में, सलूम्बर में 12-11 के गणित के बीच 13वें वोट पर नजर
सलूम्बर सभापति चुनाव में भाजपा 12 और कांग्रेस 11 पर है। कैलाश गांधी और नरेश जैन आमने-सामने, 13वें वोट पर टिकी निगाहें।

तस्वीर में सलूम्बर नगर परिषद के सभापति पद के दोनों प्रत्याशी नजर आ रहे हैं।
सलूम्बर नगर परिषद के सभापति पद का चुनाव अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। 21 सितंबर को होने वाले चुनाव में भाजपा के कैलाश चंद्र गांधी और कांग्रेस के नरेश कुमार जैन आमने-सामने हैं। परिषद के 25 वार्डों में सभापति पद के लिए 13 वोटों का बहुमत जरूरी है, लेकिन 14 सितंबर को घोषित परिणाम के बाद दोनों प्रमुख दल इस आंकड़े से दूर हैं।
चुनाव परिणाम में भाजपा ने 12 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस के खाते में 11 वार्ड आए। बीएपी और एक निर्दलीय पार्षद के कारण मुकाबला 12-11 के गणित में पहुंच गया है। भाजपा बहुमत से महज एक वोट दूर है, जबकि कांग्रेस को बहुमत के लिए दो अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है। ऐसे में सभापति पद का फैसला 13वें वोट पर टिका हुआ है।
भाजपा ने वार्ड 8 के पार्षद कैलाश गांधी को सभापति पद के लिए मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने वार्ड 2 के पार्षद नरेश कुमार जैन पर भरोसा जताया है। दोनों दलों के सामने अपने पार्षदों को साथ रखने के साथ बहुमत का आंकड़ा पूरा करने की चुनौती है।
बीएपी और निर्दलीय पार्षद की भूमिका को लेकर चुनाव से पहले चर्चाएं तेज हैं। हालांकि किसे समर्थन मिलेगा, इसे लेकर आधिकारिक स्थिति चुनाव परिणाम तक स्पष्ट नहीं है। ऐसे में सियासी गलियारों में जोड़-तोड़ की चर्चाएं जारी हैं, लेकिन सभापति पद का अंतिम फैसला मतदान के बाद ही सामने आएगा।
रिटर्निंग अधिकारी जगदीश चंद्र बामनिया के अनुसार, 21 सितंबर को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक नगर परिषद भवन में मतदान होगा। इसके बाद मतगणना की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट रहेगा।
अब सलूम्बर नगर परिषद की निगाहें उस 13वें वोट पर टिकी हैं, जो 12-11 के मौजूदा गणित को बदलकर सभापति की कुर्सी की तस्वीर साफ करेगा।

Kalpita Bhavsar (Salumber)
कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।
