सलूंबर: आगामी जनगणना 2027 को लेकर फील्ड ट्रेनर्स का प्रशिक्षण संपन्न
डिजिटल डेटा संग्रहण और मोबाइल ऐप संचालन के लिए सलूंबर पंचायत समिति में तीन दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

सलूंबर पंचायत समिति सभागार में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला के दौरान उपस्थित अधिकारी और मास्टर ट्रेनर्स, जहां डिजिटल जनगणना 2027 की रूपरेखा समझाई गई।
सलूंबर। भारत की आगामी जनगणना-2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियाँ तेज हो गई हैं। इसी क्रम में सलूंबर स्थित पंचायत समिति सभागार में जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स के प्रथम चरण का तीन दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह प्रशिक्षण आगामी राष्ट्रीय जनगणना के सुचारू संचालन और डिजिटल डेटा संग्रहण की सटीकता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उपजिला जनगणना अधिकारी एवं आर्थिक तथा सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक शेल सिंह सोलंकी ने प्रशिक्षण के दौरान विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने बताया कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकानों के सूचीकरण और उनकी गणना की संपूर्ण प्रक्रिया इस बार मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से संपन्न की जाएगी। अधिकारियों को मोबाइल ऐप के इंस्टॉलेशन, संचालन और डेटा अवलोकन की जटिल कार्यविधि को बारीकी से समझाया गया। इसके साथ ही पर्यवेक्षकों को ब्लॉक मकान सूचीकरण की सीमाओं के निर्धारण, भू-चिन्हों की पहचान और प्रगणकों को आवंटित ब्लॉकों में जनगणना मकानों के सटीक चिह्नीकरण के संबंध में तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया। इस चरण में परिवार के मुखिया से पूछे जाने वाले कुल 34 महत्वपूर्ण प्रश्नों की सूची पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
राजस्थान में इस महाभियान का प्रथम चरण 1 मई 2026 से प्रारंभ होकर 14 जून 2026 तक संचालित होगा। इस अवधि को दो प्रमुख प्रक्रियाओं में विभाजित किया गया है। प्रथम चरण में 'स्व-गणना' की सुविधा 1 मई से 15 मई 2026 तक उपलब्ध रहेगी, जबकि प्रगणकों द्वारा वास्तविक फील्ड कार्य 16 मई से 14 जून 2026 के मध्य संपादित किया जाएगा। आधुनिक तकनीक का समावेश करते हुए इस बार नागरिकों को ऑनलाइन स्व-गणना पोर्टल का विकल्प दिया गया है। यह पोर्टल हिंदी, अंग्रेजी सहित 14 क्षेत्रीय भाषाओं में कार्य करेगा, जहाँ परिवार का मुखिया मात्र 15-20 मिनट में अपने परिवार का विवरण दर्ज कर सकता है। पंजीकरण के उपरांत प्राप्त होने वाली 'स्व-गणना पहचान संख्या' (SID) को प्रगणक के आगमन पर साझा करना अनिवार्य होगा।
अभियान को गति देने के लिए 1 मई 2026 को जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी स्वयं ऑनलाइन माध्यम से अपनी गणना कर इस प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे। जनसामान्य की सहायता हेतु विभिन्न प्रमुख स्थलों पर विशेष कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। सलूंबर में संपन्न हुआ यह प्रशिक्षण प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को डिजिटल जनगणना के नए मानकों के अनुरूप तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा, जिससे राष्ट्र की सांख्यिकीय नींव को मजबूती मिलेगी।

