लसाड़िया। सलूम्बर जिले के कुण थाना क्षेत्र में व्यापारी से दिनदहाड़े हुई सनसनीखेज लूट की वारदात का खुलासा करते हुए पुलिस ने महज 72 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मामले में दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य बदमाश अभी फरार हैं जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। जिला पुलिस अधीक्षक सलूम्बर के कुशल निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर सेल और मुखबिर तंत्र के पुख्ता इनपुट का उपयोग करते हुए आरोपियों तक पहुंच बनाई है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं।

घटनाक्रम के अनुसार, 17 मई 2026 की शाम करीब 5 बजे व्यापारी मनोहर लाल लक्षकार अपनी दुकान बंद कर गांव की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाशों ने उन्हें घेरकर रोक लिया। आरोपियों ने मारपीट कर व्यापारी को सड़क पर गिरा दिया और उनके पास मौजूद करीब 5 किलो चांदी के जेवरात से भरा बैग लूटकर फरार हो गए। इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में भारी रोष व्याप्त था और क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कुण थाना पुलिस ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। लगातार तीन दिनों तक चली सघन जांच, मोबाइल लोकेशन की ट्रैकिंग, तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल के इनपुट के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को धर दबोचा।

पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली है। उन्होंने बताया कि लूटे गए जेवरात को आपस में बांट लिया गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूट के जेवरात और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुकेश पिता कमला मीणा निवासी सोडाला और मुकेश पिता मोताराम मीणा निवासी धावड़ी के रूप में हुई है। पुलिस अब फरार चल रहे दो अन्य बदमाशों की सरगर्मी से तलाश कर रही है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि फरार बदमाशों को शरण देने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस संपूर्ण ऑपरेशन में कुण थानाधिकारी निलेश कुमार, एएसआई बच्चुलाल मीणा, रमेश चंद्र मीणा, हैड कांस्टेबल राजेश कुमार, धर्मेंद्र सिंह, कांस्टेबल चन्दु लाल, गजेन्द्र सिंह, सुर्यवीर सिंह, भवानी सिंह, अजय सिंह, अरविंद सिंह, मुफ्त लाल, उदयलाल, महेंद्र कुमार के साथ जिला सलूम्बर साइबर सेल के हर्षराज सिंह, सलुम्बर थाना उपनिरीक्षक, साइबर सेल कांस्टेबल हेमेंद्र सिंह और युवराज सिंह की टीम का सराहनीय योगदान रहा। विशेष रूप से थानाधिकारी निलेश कुमार, एएसआई रमेश चंद्र, हैड कांस्टेबल धर्मेंद्र सिंह, कांस्टेबल गजेन्द्र सिंह, सुर्यवीर सिंह, चन्दु लाल और साइबर सेल के कांस्टेबल हेमेंद्र सिंह व युवराज सिंह की भूमिका इस खुलासे में अहम रही। महज 72 घंटे में इस जटिल लूटकांड का खुलासा करने पर पुलिस टीम की कार्यशैली की हर तरफ सराहना हो रही है।

Pratahkal Newsroom

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