रथोत्सव के अंतिम दिन सोमवार शाम सलूम्बर में धर्म, भक्ति और उल्लास का संगम देखने को मिला। “केसरियो रंग थने लागो ला...” जैसे गरबों पर महिला-पुरुषों ने जमकर डांडिया खनकाए। डांडियों की खन-खन और गरबों की ताल के बीच शहर में निकली रथ यात्रा रावली पोल पहुंची, जहां समाजजनों ने महारास किया। इसके बाद महाआरती और रथ भंडार के साथ तीन दिवसीय रथ महोत्सव का विधिवत समापन हुआ।

पर्वाधिराज पर्युषण महापर्व के समापन के बाद भादवा पूर्णिमा से शुरू हुआ सकल दिगम्बर जैन समाज का त्रिदिवसीय रथ महोत्सव सोमवार को संपन्न हुआ। तीन दिनों तक शहर में निकले रथोत्सव के दौरान भगवान के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। अंतिम दिन गरबों और डांडिया के बीच धार्मिक आयोजन ने उत्सव का रूप लिया।

सोमवार शाम गांधी चौक स्थित भगवान ऋषभदेव जैन मंदिर से गाजे-बाजे के साथ रथ यात्रा शुरू हुई। विशाल काष्ठ रथ को आकर्षक रूप से सजाया गया और उस पर रजत छत्र चढ़ाए गए। रथ में श्रीजी को विराजित किया गया। इसके साथ रजत रथ में भी श्रीजी को विराजमान किया गया। भजनों और गरबों की मधुर धुन के बीच समाजजन उत्साह के साथ रथ यात्रा में शामिल होकर चलते रहे।

रथ यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से आगे बढ़ी तो श्रद्धा के साथ उत्साह भी बढ़ता गया। जगह-जगह डांडियों की खनखनाहट सुनाई दी और समाज के महिला-पुरुष गरबों की ताल पर झूमते नजर आए। पारंपरिक उल्लास और धार्मिक आस्था के इस संगम ने शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया।

नगर भ्रमण करते हुए रथ यात्रा रावली पोल पहुंची। यहां समाजजनों ने महारास किया। गरबा गीतों पर डांडियों की ताल और कदमों की लय से माहौल उत्सवमय हो गया। इसके बाद रथ यात्रा पाल दरवाजा होते हुए नागदा बाजार से वापस गांधी चौक स्थित भगवान ऋषभदेव जैन मंदिर पहुंची।

मंदिर पहुंचने पर विधिवत महाआरती की गई। आरती के दौरान मंदिर परिसर भगवान के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद परंपरानुसार रथ भंडार हुआ। इसी के साथ तीन दिनों तक चले रथ महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। आयोजन में धर्म, भक्ति, परंपरा और उत्सव का संगम देखने को मिला।

Kalpita Bhavsar (Salumber)

Kalpita Bhavsar (Salumber)

कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।

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