सलूंबर में 887 वार्डों के लिए चुनावी तैयारियां पूरी, 2.58 लाख मतदाता चुनेंगे गांवों की सरकार
सलूंबर जिले में पंचायतीराज चुनाव के लिए 288 मतदान केंद्रों पर तैयारियां पूरी हो रही हैं। 2,58,831 मतदाता 3 और 5 नवंबर को मतदान करेंगे। 2,023 मतदान कार्मिकों और 444 पुलिस जवानों की तैनाती के साथ 28 अतिसंवेदनशील केंद्रों पर विशेष निगरानी रहेगी।

सलूंबर जिले में पंचायतीराज आम चुनाव-2026 को लेकर प्रशासन ने मतदान की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंचा दी हैं। जिले की चार पंचायत समितियों सलूंबर, सेमारी, लसाड़िया और गींगला में 3 एवं 5 नवंबर को होने वाले मतदान के लिए रविवार को आईटीआई खोलड़ी से मतदान दलों की रवानगी शुरू हुई। जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के कुल 959 वार्डों में निर्वाचन प्रक्रिया के तहत मतदाता अपने प्रतिनिधियों का चयन करेंगे।
मतदान दलों को अंतिम प्रशिक्षण देने के बाद निर्वाचन सामग्री वितरित की गई और उन्हें निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया गया। जिले में जिला परिषद के 12, पंचायत समितियों के 60 तथा ग्राम पंचायतों के 887 वार्डों में चुनाव होगा। इस प्रक्रिया में जिले की 111 ग्राम पंचायतों के मतदाता अपने प्रतिनिधि चुनेंगे।
चारों पंचायत समिति क्षेत्रों में कुल 2 लाख 58 हजार 831 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 1 लाख 31 हजार 410 पुरुष और 1 लाख 27 हजार 421 महिला मतदाता शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 1,856 दिव्यांग मतदाता भी मतदान में भागीदारी निभाएंगे।
मतदान प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिले में 288 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। इनमें सलूंबर में 77, सेमारी में 76, लसाड़िया में 74 और गींगला में 61 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। सेमारी में 69 मुख्य और 7 सहायक मतदान केंद्र तथा लसाड़िया में 73 मुख्य और 1 सहायक मतदान केंद्र निर्धारित किया गया है।
मतदान संपन्न कराने के लिए रिजर्व सहित कुल 2,023 मतदान कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें सलूंबर के 539, सेमारी के 532, लसाड़िया के 525 और गींगला के 427 कार्मिक शामिल हैं। अंतिम प्रशिक्षण के दौरान मतदान दलों को निर्वाचन प्रक्रिया, मतपत्रों के उपयोग, मतदान सामग्री के रखरखाव और निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई।
चुनाव के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जिले में कुल 444 पुलिस जवान तैनात रहेंगे। इनमें सलूंबर में 124, सेमारी में 120, लसाड़िया में 116 और गींगला में 84 पुलिस जवान सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।
प्रशासन ने जिले में 28 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र चिह्नित किए हैं। इनमें सेमारी और लसाड़िया में 8-8, सलूंबर में 7 तथा गींगला में 5 मतदान केंद्र शामिल हैं। इन केंद्रों पर विशेष निगरानी के साथ अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।
मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए कुल 30 सेक्टर मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। सलूंबर, सेमारी और लसाड़िया में 8-8 तथा गींगला में 6 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात रहेंगे। इसके अलावा चारों पंचायत समिति क्षेत्रों में कुल 8 एरिया मजिस्ट्रेट भी जिम्मेदारी संभालेंगे।
ग्राम पंचायतों और वार्डों के लिहाज से सलूंबर पंचायत समिति में 31 ग्राम पंचायतों के 233 वार्ड, सेमारी में 30 ग्राम पंचायतों के 242 वार्ड, लसाड़िया में 29 ग्राम पंचायतों के 245 वार्ड और गींगला में 21 ग्राम पंचायतों के 167 वार्ड निर्धारित किए गए हैं। इस तरह जिले की 111 ग्राम पंचायतों के कुल 887 वार्डों में चुनाव होगा। इसके अतिरिक्त प्रत्येक पंचायत समिति में पंचायत समिति सदस्य के निर्वाचन के लिए 15-15 वार्ड निर्धारित हैं।
आईटीआई खोलड़ी में प्रशिक्षण और निर्वाचन सामग्री वितरण के दौरान अधिकारियों ने मतदान कार्मिकों को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्हें निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए प्रत्येक परिस्थिति में धैर्य और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने को कहा गया।
मतदान दलों की रवानगी के साथ ही प्रशासन मतदान केंद्रों पर बिजली, पेयजल, सुरक्षा, मतदाताओं की कतारों के प्रबंधन और दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दे रहा है। मतदान दल अपने निर्धारित बूथों पर पहुंचकर जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके बाद 3 एवं 5 नवंबर को होने वाले मतदान के माध्यम से सलूंबर जिले की चार पंचायत समितियों में जिला परिषद, पंचायत समिति और ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

Kalpita Bhavsar (Salumber)
कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।
