सलूंबर जिले के झटकुआं गांव में पंचायत पुनर्गठन के विरोध में मतदान बहिष्कार का ऐलान करने वाले ग्रामीणों ने जिला निर्वाचन अधिकारी मुहम्मद जुनेद पी.पी. के आश्वासन के बाद अपना निर्णय वापस ले लिया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्वयं गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ जाजम पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद ग्रामीणों ने पंचायतीराज आम चुनाव-2026 में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और शत-प्रतिशत मतदान करने का आश्वासन दिया।

मामला गींगला पंचायत समिति के झटकुआं गांव के वार्ड संख्या एक का है, जहां पंचायत पुनर्गठन के विरोध में ग्रामीण सामूहिक रूप से मतदान का बहिष्कार कर रहे थे। ग्रामीणों की नाराजगी और उनकी समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने उन्हें लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने के लिए पहल की। जिला निर्वाचन अधिकारी मुहम्मद जुनेद पी.पी. स्वयं मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों के बीच जाजम पर बैठकर उनकी मांगों को विस्तार से सुना।

इस दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने ग्रामीणों की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता जताते हुए उन्हें आश्वस्त किया कि पंचायत पुनर्गठन से संबंधित उनकी मांगों और समस्याओं को संबंधित स्तर पर नियमानुसार रखा जाएगा। साथ ही, उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों से लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी सुनिश्चित करने और अपने संवैधानिक मतदान अधिकार का उपयोग करने की अपील की।

जिला निर्वाचन अधिकारी के सहज व्यवहार और सीधे संवाद से ग्रामीणों में विश्वास का माहौल बना। उनकी समझाइश और आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने मतदान बहिष्कार का निर्णय वापस लेने पर सहमति जताई। ग्रामीणों ने भरोसा दिलाया कि वे चुनाव में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और गांव में शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित करने में सहयोग करेंगे।

जिला निर्वाचन अधिकारी मुहम्मद जुनेद पी.पी. की तत्परता और संवेदनशील पहल से झटकुआं के ग्रामीणों का प्रशासन के प्रति विश्वास बहाल हुआ। इस पहल के बाद पंचायत पुनर्गठन के विरोध में शुरू हुआ मतदान बहिष्कार समाप्त हुआ और ग्रामीणों ने चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का भरोसा दिया।

Kalpita Bhavsar (Salumber)

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कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।

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