सलूम्बर। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का अनुचित लाभ लेने वाले अपात्र परिवारों की पहचान के लिए खाद्य विभाग ने जिले में विशेष अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में 15 अक्टूबर 2026 को जिला रसद अधिकारी भागूराम महला ने स्वयं शहरी क्षेत्र के वार्ड संख्या 17 में पहुंचकर डोर-टू-डोर भौतिक सत्यापन किया। जांच के दौरान 51 राशन कार्डधारक परिवारों की पात्रता की पड़ताल की गई, जिसमें एक परिवार विभागीय मापदंडों के विपरीत अपात्र पाया गया। संबंधित परिवार से मौके पर ही खाद्य सुरक्षा योजना छोड़ने का सहमति पत्र भरवाया गया और एनएफएसए सूची से नाम हटाने की कार्रवाई तत्काल की गई।

राज्य सरकार और खाद्य विभाग के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस विशेष अभियान को “गिवअप अभियान का द्वितीय चरण” नाम दिया गया है। यह अभियान दिसंबर माह तक चरणबद्ध तरीके से पूरे जिले में संचालित किया जाएगा। जिला रसद अधिकारी भागूराम महला के नेतृत्व में प्रवर्तन टीम ने वार्ड संख्या 17 का सघन मौका मुआयना कर राशन कार्डधारक परिवारों की पात्रता का सत्यापन किया।

जांच में कुल 51 परिवारों में से 50 लाभार्थी परिवार पूर्णतः पात्र और सही पाए गए। इन परिवारों को नियमानुसार खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ मिलता रहेगा। वहीं, एक परिवार विभागीय मापदंडों के अनुसार अपात्र मिला। अधिकारियों ने उसे समझाइश देकर स्वेच्छा से योजना छोड़ने के लिए सहमत किया। इसके बाद सहमति पत्र भरवाकर उसका नाम राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) की सूची से विलोपित करने की कार्यवाही तुरंत संपादित की गई।

अभियान के तहत ऐसे संपन्न व्यक्तियों और परिवारों को चिह्नित किया जाएगा, जो खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों के अंतर्गत निष्कासन (एक्सक्लूजन) श्रेणी में आते हैं। इनमें आयकरदाता, संपन्न वर्ग, चार पहिया वाहन धारक और सरकारी नौकरी करने वाले व्यक्ति शामिल हैं। ऐसे लाभार्थियों को स्वेच्छा से योजना छोड़ने यानी ‘गिवअप’ करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इसके बावजूद यदि कोई अपात्र लाभार्थी सूची से अपना नाम नहीं हटाता है, तो उसे नियमानुसार नोटिस जारी कर सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी।

डोर-टू-डोर सर्वे का दूसरा प्रमुख उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी वास्तविक जरूरतमंद और पात्र परिवार खाद्य सुरक्षा योजना के लाभ से वंचित न रहे। सर्वे के दौरान यदि कोई परिवार पात्र होने के बावजूद योजना में शामिल नहीं पाया जाता है, तो उससे आवेदन प्राप्त कर पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन भरवाया जाएगा, ताकि उसे समय पर राशन का लाभ मिल सके।

अभियान को पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए प्रवर्तन अधिकारियों, प्रवर्तन निरीक्षकों और रसद विभाग के कार्मिकों की जवाबदेही तय की गई है। सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को अधिक से अधिक फील्ड विजिट करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें जीपीएस लोकेशन और तारीख के साथ फोटो संभाग (पोर्टल/प्रभारी) को प्रतिदिन प्रेषित करनी होगी।

डोर-टू-डोर सर्वे अभियान के तहत जिला रसद अधिकारी, प्रवर्तन अधिकारियों और प्रवर्तन निरीक्षकों के लिए फील्ड विजिट के न्यूनतम दिवसों के लक्ष्य भी निर्धारित किए गए हैं। अभियान के माध्यम से एक ओर अपात्र लाभार्थियों को खाद्य सुरक्षा योजना से बाहर करने की कार्रवाई की जाएगी, वहीं दूसरी ओर वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने और पात्रता व्यवस्था को सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा।

Kalpita Bhavsar (Salumber)

Kalpita Bhavsar (Salumber)

कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।

Next Story