सलूंबर नगर परिषद चुनाव: धारा 163 लागू, साइलेंस पीरियड शुरू
निष्पक्ष मतदान के लिए 11 सितंबर तक प्रचार पर रोक, 5 से अधिक लोगों के जुटने पर प्रतिबंध रहेगा।

सलूम्बर, 09 सितम्बर। नगर निकाय आम चुनाव-2026 के तहत नगर परिषद सलूम्बर में 11 सितम्बर 2026 को होने वाले मतदान को स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए जिला मजिस्ट्रेट मुहम्मद जुनैद ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने के आदेश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य मतदाताओं को भयमुक्त वातावरण में अपने संवैधानिक मताधिकार का प्रयोग सुनिश्चित कराना है।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि नगर परिषद सलूम्बर निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के अंतिम 48 घंटे पूर्व की अवधि को निर्वाचन नियमों के तहत साइलेंस पीरियड घोषित किया गया है। यह अवधि बुधवार, 09 सितम्बर 2026 को सायं 6 बजे से शुरू होकर शुक्रवार, 11 सितम्बर 2026 को सायं 6 बजे अथवा मतदान समाप्ति तक प्रभावी रहेगी। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत मतदान समाप्ति के लिए निर्धारित समय से पूर्व की 48 घंटे की अवधि में निर्वाचन प्रचार अभियान समाप्त हो जाएगा। इस दौरान सार्वजनिक सभाओं एवं अन्य माध्यमों से होने वाली निर्वाचन प्रचार गतिविधियों पर रोक रहेगी।
जारी आदेश के अनुसार नगर परिषद सलूम्बर निर्वाचन क्षेत्र में असामाजिक, अवांछित एवं बाधक तत्वों की गतिविधियों पर नियंत्रण रखने और कानून एवं लोक शांति बनाए रखने के लिए विशेष प्रतिबंधात्मक उपाय किए गए हैं। प्रशासन इस अवधि में कड़ी निगरानी रखेगा, ताकि कोई भी व्यक्ति मतदाताओं को अनुचित रूप से प्रभावित करने के उद्देश्य से नकदी, उपहार अथवा अन्य अवैध सामग्री का वितरण नहीं कर सके।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधित क्षेत्र में पांच से अधिक व्यक्तियों के एक साथ एकत्रित होने अथवा एक साथ आवाजाही करने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि, घर-घर जाकर किए जाने वाले प्रचार के संबंध में निर्वाचन नियमों के अनुसार द्वार-से-द्वार भ्रमण प्रतिबंधित नहीं होगा।
निषेधाज्ञा की अवधि में सार्वजनिक स्थान पर विस्फोटक पदार्थ, घातक रासायनिक पदार्थ अथवा आग्नेय अस्त्र-शस्त्र जैसे रिवॉल्वर, पिस्टल, बंदूक आदि लेकर घूमने और उनका सार्वजनिक प्रदर्शन करने पर रोक रहेगी। तलवार, भाला, कृपाण, चाकू, छुरी, कटार, गुप्ती, गंडासा, फरसी, धारिया, बाघनख सहित अन्य घातक एवं प्रतिबंधित हथियारों तथा घातक लाठियों को सार्वजनिक स्थानों पर धारण करने, साथ लेकर चलने अथवा प्रदर्शन करने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
यह आदेश ड्यूटी पर तैनात सीमा सुरक्षा बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस, राजस्थान सिविल पुलिस, चुनाव ड्यूटी में तैनात अर्द्धसैनिक बल, होमगार्ड तथा मतदान दलों में नियुक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। सिख समुदाय के व्यक्तियों को उनकी धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्धारित कृपाण धारण करने की छूट रहेगी। शस्त्र अनुज्ञा पत्र के नवीनीकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत शस्त्र निरीक्षण करवाने अथवा शस्त्र को संबंधित पुलिस थाने में जमा कराने के लिए ले जाने पर भी यह प्रतिबंध लागू नहीं होगा।
वृद्ध, दिव्यांग एवं बीमार व्यक्ति, जिन्हें चलने के लिए लाठी के सहारे की आवश्यकता रहती है, उन्हें लाठी का उपयोग केवल चलने में सहारा लेने के लिए करने की अनुमति होगी। आदेश के अनुसार नगर परिषद सलूम्बर निर्वाचन क्षेत्र के बाहर का कोई भी व्यक्ति निर्वाचन क्षेत्र की सीमा में प्रतिबंधित श्रेणी के हथियार अपने साथ नहीं ला सकेगा और न ही उनका सार्वजनिक स्थानों पर प्रयोग अथवा प्रदर्शन कर सकेगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों में आदेश की व्यक्तिगत रूप से तामील कराया जाना संभव नहीं है। इसलिए एकपक्षीय आदेश जारी कर सर्वसाधारण को सूचित किया गया है। आदेश को नगर परिषद सलूम्बर निर्वाचन क्षेत्र के प्रमुख स्थानों पर चस्पा करने के साथ-साथ समाचार पत्रों एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
जिला मजिस्ट्रेट मुहम्मद जुनैद ने आमजन से निषेधाज्ञा एवं निर्वाचन संबंधी सभी निर्देशों की पूर्ण पालना करने तथा स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान में प्रशासन का सहयोग करने की अपील की है। आदेश की अवहेलना अथवा उल्लंघन किए जाने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 एवं अन्य प्रचलित विधिक प्रावधानों के तहत संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

Kalpita Bhavsar (Salumber)
कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।
