सलूंबर के चिबोड़ा में बकरी का शिकार करने वाला लेपर्ड पिंजरे में कैद
वन विभाग ने आबादी क्षेत्र में पिंजरा लगाकर 5 साल की मादा लेपर्ड को सुरक्षित पकड़ा, ग्रामीणों को दहशत से मिली राहत।

तस्वीर में लोहे के हरे पिंजरे में एक लेपर्ड बैठा हुआ दिखाई दे रहा है।
सलूंबर। खेराड़ गांव के चिबोड़ा में आबादी क्षेत्र में पहुंचे लेपर्ड ने बकरी का शिकार कर ग्रामीणों में दहशत पैदा कर दी। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने निगरानी बढ़ाते हुए लेपर्ड को पकड़ने के लिए आबादी क्षेत्र में पिंजरा लगाया। पिंजरा लगाए जाने के कुछ ही घंटों बाद रात में लेपर्ड उसमें कैद हो गया।
सुबह पिंजरे में लेपर्ड के फंसे होने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। मौके पर वन विभाग की टीम मौजूद रही और लेपर्ड को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कार्रवाई शुरू की गई।
चिबोड़ा में लेपर्ड ने आबादी क्षेत्र के पास बकरी पर हमला किया था। इसके बाद ग्रामीणों में भय का माहौल बन गया था। ग्रामीणों को आशंका थी कि लेपर्ड आसपास के क्षेत्र में ही मौजूद है। सूचना मिलने पर वन विभाग ने तत्काल निगरानी बढ़ाई और लेपर्ड को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाया।
वन विभाग के अधिकारी खैमराज मीणा ने बताया कि पिंजरे में कैद लेपर्ड की उम्र करीब 5 वर्ष है और यह मादा लेपर्ड है। लेपर्ड के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। वन विभाग की टीम अब लेपर्ड को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कार्रवाई में जुटी रही।

Kalpita Bhavsar (Salumber)
कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।
