सलूम्बर में खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई: 50 लीटर एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक नष्ट
सलूम्बर में शुद्ध आहार अभियान के तहत टीम ने महाराणा ट्रेडर्स से कोल्ड ड्रिंक व मिठाई के नमूने लिए और अमानक खाद्य सामग्री को नष्ट किया।

सलूम्बर। ग्रीष्मकाल के दौरान आमजन को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा विभाग ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अमानक खाद्य सामग्री को नष्ट किया है। इस विशेष जांच अभियान के तहत दूध, डेयरी उत्पाद, आइसक्रीम, कोल्ड ड्रिंक, कुल्फी, पेय पदार्थ एवं फ्रूट जूस विक्रेताओं पर विभाग की पैनी नजर है। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी के नेतृत्व में गठित टीम ने सलूम्बर शहर के विभिन्न प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण कर बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की।
कार्रवाई के दौरान टीम ने चुंगी नाका स्थित महाराणा ट्रेडर्स के यहां गहन निरीक्षण किया, जहां से कोल्ड ड्रिंक (कार्बोनेटेड वाटर) और मिक्स्ड फ्रूट जूस के नमूने लिए गए। निरीक्षण के दौरान फर्म संचालक को निर्देशित किया गया कि वे परिसर में पेस्ट कंट्रोल सुनिश्चित करें, समस्त कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र बनवाएं और स्वच्छता के कड़े मानक अपनाएं। इसी प्रतिष्ठान से टीम ने 50 लीटर एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक जब्त कर उसे मौके पर ही नष्ट कर दिया। इसके अतिरिक्त अभियान के दौरान टीम ने 10 किलो दूषित मिठाई को भी नष्ट किया, जो जन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाई गई थी। कुल मिलाकर इस कार्रवाई में फ्रूट ज्यूस, कोल्ड ड्रिंक और नमक के 4 नमूने संग्रहण के लिए लिए गए।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार परमार ने स्पष्ट किया कि जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने सभी खाद्य व्यवसायियों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे अपने प्रतिष्ठानों पर लाइसेंस अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करें, खाद्य सामग्री को खुला न छोड़ें और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों का ही विक्रय करें। इस प्रभावी कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी घनश्याम सिंह सोलंकी के साथ प्रशिक्षु अधिकारी राकेश पुष्करणा, निशा मीणा एवं सहायक शूरवीर सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रशासन की इस सख्त कार्यवाही ने मिलावटखोरों में हड़कंप मचा दिया है और आम नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सरकारी तंत्र की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया है।

