सलूम्बर जिले में 11 जुलाई से 18 जुलाई 2026 तक जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह के तहत विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेन्द्र कुमार परमार ने बताया कि इस दौरान योग्य दंपत्तियों को सीमित परिवार अपनाने, अनियोजित गर्भधारण की रोकथाम, गर्भधारण के बीच उचित अंतराल बनाए रखने तथा मां एवं शिशु के बेहतर स्वास्थ्य एवं कल्याण के लिए विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से प्रेरित किया जाएगा।

विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर इस वर्ष “जब बच्चों में सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल” थीम पर विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभियान का प्रमुख उद्देश्य योग्य दंपत्तियों तक परिवार नियोजन संबंधी जानकारी पहुंचाना तथा जनसंख्या स्थिरीकरण में जनसहभागिता बढ़ाने के लिए व्यापक जन-जागरूकता विकसित करना है।

अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) डॉ. वी.डी. मीणा ने बताया कि अभियान के दौरान ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों में जागरूकता रैलियां निकाली जाएंगी। समाचारों के प्रकाशन के साथ जागरूकता वाहन के माध्यम से ऑडियो संदेशों का प्रसारण भी किया जाएगा। गर्भधारण के बीच स्वस्थ अंतराल बनाए रखने और आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष सास-बहू सम्मेलनों का आयोजन होगा। इसके अलावा सामाजिक एवं धार्मिक नेताओं के साथ विशेष बैठकें आयोजित कर सामुदायिक स्तर की बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर गोपनीयता के साथ परिवार नियोजन परामर्श कक्ष संचालित किए जाएंगे। आवश्यकता के अनुसार लाभार्थियों को डोर-स्टेप स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि परिवार नियोजन सेवाएं सुचारु रूप से पहुंच सकें।

अभियान के शुभारंभ पर जिला कलक्टर जिला चिकित्सालय से “जब बच्चों में सही अंतराल, परिवार बने स्वस्थ और खुशहाल” थीम पर जनजागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे तथा अभियान के पोस्टर का विमोचन भी करेंगे।

परिवार नियोजन साधनों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी चिकित्सा संस्थानों, एएनएम एवं आशा कार्यकर्ताओं के पास ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया जाएगा। सभी आशा कार्यकर्ताओं को पूरी तरह री-स्टॉक की गई होम डिलीवरी ऑफ कॉन्ट्रासेप्टिव्स किट उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसी भी स्तर पर स्टॉक आउट की स्थिति उत्पन्न न हो।

11 से 18 जुलाई के दौरान सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं आशा कार्यकर्ता अपने-अपने क्षेत्रों के योग्य दंपत्तियों से गृह संपर्क करेंगी। इस दौरान वे विवाह की सही आयु, जिसमें लड़कों के लिए 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष निर्धारित है, शादी के कम से कम दो वर्ष बाद पहला बच्चा तथा पहले और दूसरे बच्चे के बीच न्यूनतम तीन वर्ष का अंतर रखने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूकता फैलाएंगी। साथ ही पुरुषों की सहभागिता बढ़ाने और अंतरा एवं छाया जैसे नए गर्भनिरोधक साधनों की जानकारी भी दी जाएगी।

डॉ. महेन्द्र कुमार परमार ने बताया कि सलूम्बर जिला परिवार कल्याण कार्यक्रम को पीपीआईयूसीडी एवं बच्चों में अंतराल रखने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है। 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस समारोह के दौरान राज्य स्तर पर सलूम्बर चिकित्सा विभाग को सम्मानित किया जाएगा।

राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में चिकित्सा मंत्री वर्चुअल माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिलों को संबोधित करेंगे तथा प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो और पारितोषिक स्वरूप चेक प्रदान करेंगे। इस कार्यक्रम में सलूम्बर जिले की पंचायत समिति झल्लारा, उप जिला चिकित्सालय सराड़ा, सीएचसी गींगला, पीएचसी अग्गड़ तथा ग्राम पंचायत झल्लारा, बेडास, उदात फलां, देवगांव एवं परसाद के संबंधित जनप्रतिनिधि, चिकित्सा अधिकारी, एएनएम और जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे। जनसंख्या स्थिरीकरण सप्ताह के तहत आयोजित यह अभियान जिले में परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रहेगा।

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