सलूंबर में मत्स्य पालकों के लिए एक्वा रीच कार्यक्रम आयोजित
मैनेज हैदराबाद और राजस्थान मत्स्य विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जयसमंद में मछुआरों को सरकारी योजनाओं और अनुदान की जानकारी दी गई।

तस्वीर में जयसमंद में आयोजित एक्वा रीच कार्यक्रम के मंच पर संबोधन देते अधिकारी।
सलूंबर, 18 सितंबर। जयसमंद में मत्स्य पालकों को विभागीय योजनाओं, अनुदान और सहकारी समितियों के संचालन से जुड़ी जानकारी देने के लिए राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंध संस्थान (मैनेज), हैदराबाद एवं मत्स्य विभाग, राजस्थान सरकार के संयुक्त तत्वावधान में ‘एक्वा रीच’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जयसमंद एवं डाया बांध की मत्स्य उत्पादक सहकारी समितियों के 62 सदस्यों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य मत्स्य सहकारी समितियों के सदस्यों को मत्स्य पालन से संबंधित विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें इस व्यवसाय में सशक्त बनाना था। कार्यक्रम के प्रारंभ में मत्स्य विभाग की उप निदेशक डॉ. दीपिका पालीवाल ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया और कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। इस दौरान जयसमंद में शून्य राजस्व मॉडल के तहत आदिवासी मछुआरों द्वारा किए जा रहे मत्स्याखेट कार्यों का संक्षिप्त विवरण भी प्रस्तुत किया गया।
संयुक्त निदेशक डॉ. अनिल कुमार जोशी ने मत्स्य पालकों को विभागीय योजनाओं तथा इनके तहत देय अनुदान एवं सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मैनेज, हैदराबाद के कार्यक्रम समन्वयक श्री महिपाल सिंह ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य और संस्थान की गतिविधियों से अवगत कराया।
विभाग के पूर्व संयुक्त निदेशक डॉ. अकील अहमद ने जयसमंद में शून्य राजस्व मॉडल के संचालन के दौरान मत्स्य सहकारी समितियों के सामने आ रही कठिनाइयों और उनके संभावित समाधानों पर जनजाति मत्स्य पालकों के साथ विस्तार से चर्चा की। उन्होंने जयसमंद में गठित मत्स्य सहकारी समितियों का नियमित ऑडिट कराने, साधारण सभा की बैठकें आयोजित करने और चुनाव प्रक्रिया निर्धारित समय पर सहकारिता विभाग के समन्वय से कराने का आह्वान किया।
डॉ. अकील अहमद ने समिति सदस्यों को नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण कराने का सुझाव भी दिया। सहायक मत्स्य विकास अधिकारी सज्जन सिंह ने प्रतिभागियों को मत्स्य सहकारी समिति गठन की प्रक्रिया की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में डाया फिश फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन के प्रवीन कुमार मीणा एवं धर्मेन्द्र मीणा, सहकारी समिति पाटण के व्यवस्थापक रतनलाल तथा सराड़ी समिति के लोकेश मीणा ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने इस प्रकार के कार्यक्रमों को मत्स्य पालकों के लिए उपयोगी बताते हुए विभागीय योजनाओं एवं तकनीकी जानकारी को उनके व्यवसाय के लिए महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। उप निदेशक (मत्स्य विस्तार) डॉ. दीपिका पालीवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के माध्यम से मत्स्य पालकों को योजनाओं, अनुदान सहायता, सहकारी समिति संचालन और तकनीकी जानकारी से जुड़ी जानकारी प्रदान की गई।

Kalpita Bhavsar (Salumber)
कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।
