राजस्थान राजस्व कर्मचारी महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की चेतावनी
लसाडिया में आरजीएचएस सुचारू रखने, जीपीएफ-बीमा भुगतान और तहसीलदारों के 280 रिक्त पद भरने को लेकर उपखण्ड अधिकारी को सौंपा गया ज्ञापन।

लसाडिया उपखण्ड कार्यालय में विभिन्न लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी दिनेश आचार्य को ज्ञापन सौंपते राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी और सदस्य।
लसाडिया। राजस्थान राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी महासंघ ने अपनी विभिन्न लंबित और ज्वलंत मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एक विस्तृत ज्ञापन उपखण्ड अधिकारी दिनेश आचार्य को सौंपा है। कर्मचारियों ने अपनी जायज मांगों को लेकर पुरजोर आवाज उठाई है और स्पष्ट किया है कि यदि शासन द्वारा समय रहते सकारात्मक निर्णय नहीं लिए गए, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी स्वयं शासन की होगी।
ज्ञापन के माध्यम से महासंघ ने राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (RGHS) राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अत्यंत लाभकारी योजना साबित हुई है, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई निजी अस्पतालों द्वारा इस योजना के तहत उपचार बंद कर दिए जाने तथा समय पर समुचित इलाज नहीं मिलने के कारण गंभीर बीमारियों से ग्रसित कर्मचारियों और पेंशनर्स को भारी मानसिक व आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। महासंघ ने इस जनकल्याणकारी योजना को इसके वर्तमान स्वरूप में ही नियमित और सुचारू रूप से संचालित रखने की पुरजोर मांग की है।
इसके अतिरिक्त, ज्ञापन में कर्मचारियों के वित्तीय हितों से जुड़े गंभीर मामलों को भी प्रमुखता से रेखांकित किया गया है। महासंघ ने बताया कि कर्मचारी अपने वेतन से जीपीएफ, राज्य बीमा एवं अन्य परिलाभों के लिए नियमित कटौती करवाते हैं, परंतु विडंबना यह है कि ऋण स्वीकृति होने और बिल पारित होने के बाद भी कई महीनों तक यह राशि उनके खातों में जमा नहीं हो रही है। यही नहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी जीपीएफ, पीपीओ, सीपीओ एवं लीव इनकैशमेंट की राशि समय पर नहीं मिल पा रही है, जिससे उनके सामने जीवन यापन का गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। महासंघ ने राज्य बीमा, जीपीएफ, अन्य ऋण एवं लीव इनकैशमेंट की राशि का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासनिक मोर्चे पर हो रही दिक्कतों का हवाला देते हुए महासंघ ने तहसीलदारों के लगभग 280 रिक्त पदों को शीघ्र भरने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पंचायत, स्थानीय निकाय चुनाव एवं आगामी जनगणना जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यों के बीच इतने बड़े पैमाने पर पद रिक्त रहने से धरातल पर प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही, वर्ष 2025-26 की डीपीसी (विभागीय पदोन्नति समिति) में पदोन्नत हुए 200 तहसीलदारों को अब तक पदस्थापन (पोस्टिंग) नहीं मिलने पर भी कर्मचारियों ने गहरी नाराजगी जताई है।
संगठन ने उपखण्ड कार्यालयों में बढ़ते कार्यभार के अनुपात में सहायक प्रशासनिक अधिकारी एवं वरिष्ठ सहायक के नए पदों को स्वीकृत करने, नवगठित जिलों में पदोन्नति के समस्त रिक्त पदों को तत्काल भरने तथा महासंघ द्वारा पूर्व में सौंपे गए मांगपत्र पर सकारात्मक आदेश जारी करने की भी मांग की है। मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम के दौरान तहसील कार्यालय के वरिष्ठ सहायक शंकरलाल पटेल, राधेश्याम मेघवाल, उपखण्ड कार्यालय से पारसमल खटीक, सहायक प्रशासनिक अधिकारी प्रकाश गमेती एवं अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी बालूराम मेघवाल सहित भारी संख्या में राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे।

