सलूंबर की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देगी 'पंच गौरव' रील्स प्रतियोगिता, जिला प्रशासन ने युवाओं को दिया रचनात्मक मंच
सलूंबर जिला प्रशासन और जिला कलेक्टर अवधेश मीना के मार्गदर्शन में 'पंच गौरव' रील्स प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य जिले की ऐतिहासिक धरोहर, पर्यटन और जनकल्याणकारी योजनाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से नई पहचान देना है। युवा अपनी रचनात्मकता दिखाकर जीत सकते हैं आकर्षक पुरस्कार। जानिए कैसे लें इस प्रतियोगिता में भाग और क्या हैं नियम।

सलूंबर, 12 जनवरी। राजस्थान के नवगठित जिले सलूंबर की ऐतिहासिक आभा, प्राकृतिक सौंदर्य और विकास की गाथा अब सोशल मीडिया के पर्दों पर जीवंत होने जा रही है। जिला प्रशासन के एक अभिनव प्रयास के अंतर्गत सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा 'पंच गौरव' विषयों पर आधारित एक भव्य रील्स प्रतियोगिता का शंखनाद किया गया है। इस प्रतियोगिता का मुख्य ध्येय जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राचीन ऐतिहासिक धरोहरों और जनकल्याणकारी योजनाओं को आधुनिक तकनीकी माध्यमों से जन-जन तक पहुँचाना और युवाओं की रचनात्मक ऊर्जा को जिले के गौरव से जोड़ना है।
जिला कलेक्टर अवधेश मीना के कुशल मार्गदर्शन में परिकल्पित यह प्रतियोगिता मात्र एक स्पर्धा न होकर सलूंबर की अस्मिता को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी है। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी व्यापकता है, जिसमें जिले के प्रत्येक आयु वर्ग के नागरिक अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। प्रतियोगिता के नियमों के अनुसार प्रतिभागियों को 30 से 60 सेकंड की समयावधि में एक ऐसी रील तैयार करनी होगी जो न केवल मौलिक हो, बल्कि जिसमें जिले के स्थानीय गौरव और सरकारी गरिमा का समावेश हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्माण में कॉपीराइट नियमों का पालन और विषय की शुचिता अनिवार्य है।
तकनीकी रूप से इस अभियान को सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिभागियों को अपनी प्रविष्टियां इंस्टाग्राम या फेसबुक पर अपलोड करनी होंगी। इसमें हैशटैग #PanchGaurav, #ViksitRajasthan, #DistrictSalumber और #DMSalumber का प्रयोग करते हुए जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स को टैग करना अनिवार्य किया गया है। रील्स के मूल्यांकन के लिए एक विशेष समिति का गठन किया गया है, जो विषय की स्पष्टता, रचनात्मक नवाचार और तकनीकी कौशल के आधार पर श्रेष्ठ कृतियों का चयन करेगी। चयनित विजेताओं को न केवल प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह से नवाजा जाएगा, बल्कि उनकी कला को जिला प्रशासन के आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर प्रदर्शित कर विशेष सम्मान भी दिया जाएगा।
जिला प्रशासन की यह पहल न केवल पर्यटन और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देगी, बल्कि 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करेगी। प्रशासन ने जिले के युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों से इस महाकुंभ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है ताकि सलूंबर की विशिष्ट पहचान को देश और प्रदेश के कोने-कोने तक पहुँचाया जा सके। यह प्रतियोगिता निश्चित रूप से डिजिटल युग में सामुदायिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगी।

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