जयपुर, 10 दिसंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार ने ‘सहकार से समृद्धि’ की संकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से आयोजित ‘सहकार सदस्यता अभियान’ को सफलता की नई ऊँचाई तक पहुँचाया है। अक्टूबर माह में शुरू हुए इस अभियान ने राज्य के सहकारी तंत्र को मजबूती प्रदान करते हुए आमजन को सहकारी संस्थाओं से जोड़ने में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की।

अभियान की प्रारंभिक अवधि 2 से 15 अक्टूबर तक निर्धारित की गई थी, जिसे उत्साहजनक परिणामों के चलते 22 अक्टूबर तक बढ़ाया गया। अभियान के दौरान लगभग 8,500 पैक्स स्तर पर शिविर आयोजित किए गए और युवाओं एवं महिलाओं को विशेष रूप से सहकारी संस्थाओं से जोड़ने पर जोर दिया गया। निर्धारित लक्ष्य 7.34 लाख सदस्यता आवेदन था, लेकिन अभियान ने 8.90 लाख से अधिक लोगों को सदस्यता के लिए आवेदन करने के लिए प्रेरित किया।

राज्य के विभिन्न संभागों ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। जयपुर संभाग ने 2.03 लाख सदस्यता आवेदन के साथ 1.25 लाख के लक्ष्य को पार किया। उदयपुर, अजमेर, बीकानेर, कोटा, भरतपुर और जोधपुर संभागों ने भी अपने निर्धारित लक्ष्यों से बेहतर उपलब्धि दर्ज की।

अभियान के दौरान पैक्सविहीन ग्राम पंचायतों में नए पैक्स गठन की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हुई। 1,706 ग्राम पंचायतों में सर्वे पूरा हुआ, 1,296 पैक्स हेतु जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई और 1,275 नए पैक्स गठन के प्रस्ताव प्राप्त हुए। सहकारी समितियों की आधारभूत संरचना मजबूत करने के लिए 1,342 समितियों में गोदाम निर्माण हेतु भूमि चिन्हित की गई और 1,215 समितियों ने भूमि आवंटन के लिए आवेदन किया। इससे राज्य की भंडारण क्षमता में आगामी वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

साथ ही, पीएम किसान सम्मान निधि योजना से संबंधित लंबित प्रकरणों का भी अभियान के दौरान निस्तारण किया गया। 38,850 कृषकों की आधार सीडिंग और 27,640 कृषकों की ई-केवाईसी पूरी की गई, जिससे पात्र किसानों को योजना का लाभ सुव्यवस्थित रूप से मिल सकेगा।

अभियान के दौरान प्रस्तावित नवीन सहकारी कानून का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया गया। 11 लाख से अधिक लोगों को नए को-ऑपरेटिव कोड के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई, जिससे सहकारी क्षेत्र में पारदर्शिता, सुशासन और दक्षता को बढ़ावा मिलेगा।

राज्य सरकार ने इस अभियान से सहकारी तंत्र को मजबूती देने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुँच सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अभियान की सफलता से यह स्पष्ट होता है कि ‘सहकार से समृद्धि’ केवल एक नारा नहीं, बल्कि राजस्थान में साकार होती योजना के रूप में जनता के जीवन में प्रभाव डाल रही है।

Kalpita Bhavsar (Salumber)

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कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।

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