लसाड़िया के पलापली में पैंथर का खौफ: बैल का शिकार कर ग्रामीणों में फैलाई दहशत
लसाड़िया के पलापली गांव में पैंथर के अचानक हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। रात के अंधेरे में बैल का शिकार करने वाले पैंथर की लगातार सक्रियता से लोग खौफजदा हैं। वन विभाग से सुरक्षा की मांग। क्या होगा गांव का अगला कदम?

लसाड़िया के पलापली गांव में पैंथर के हमले में मृत बैल को देखते ग्रामीण, हाल ही में क्षेत्र में वन्यजीवों की सक्रियता बढ़ी है।
लसाड़िया उपखंड के अंतर्गत धोलिया ग्राम पंचायत के पलापली गांव में सोमवार देर रात पैंथर के हिंसक हमले ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। रात करीब 2 बजे एक भूखे पैंथर ने गांव में घुसकर चुनीलाल पुत्र हरजा के बैल पर अचानक हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के बाद से ही पशुपालक के परिवार में शोक व्याप्त है और पूरे गांव में भय का वातावरण बन गया है।
क्षेत्र में पैंथरों की बढ़ती सक्रियता का यह केवल पहला मामला नहीं है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, महज पांच दिन पूर्व भी धनराज पुत्र अमरा के घर के पीछे दो पैंथरों को एक साथ देखा गया था, जिसकी वीडियो रिकॉर्डिंग भी ग्रामीणों द्वारा की गई थी। आए दिन हो रही इस तरह की हिंसक घटनाओं और वन्यजीवों की लगातार मौजूदगी ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग ने समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए, तो भविष्य में यह क्षेत्र किसी बड़ी जनहानि या और अधिक पशुहानि का गवाह बन सकता है। स्थानीय लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जाए और पैंथरों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए तत्काल प्रभावी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

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