लसाड़िया क्षेत्र की जीवनरेखा मानी जाने वाली लसाड़िया–धरियावद मुख्य सड़क की जर्जर स्थिति और क्षेत्र में चांदीपुरा वायरस के बढ़ते खतरों के बीच आमजन की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता जगदीश बोड ने राजस्थान के जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी से दूरभाष पर विशेष वार्ता की। बातचीत के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मार्ग वर्तमान में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, जहाँ सड़क से गिट्टी तक उखड़ गई है।

सड़क की दुर्दशा के कारण आम नागरिकों, स्कूली विद्यार्थियों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से चांदीपुरा वायरस के संदिग्ध मामलों के बीच खराब सड़क मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है, जिससे स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। इस समस्या के समाधान हेतु पूर्व में कई बार ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं और मंत्री महोदय के विशेष निर्देशानुसार एक बार पुनः औपचारिक ज्ञापन प्रेषित किया गया है। मामले की गंभीरता को समझते हुए मंत्री बाबूलाल खराड़ी ने इसे प्राथमिकता पर लेते हुए जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई कर सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ करवाने का ठोस आश्वासन दिया है। क्षेत्रवासियों ने इस मांग को दोहराते हुए उम्मीद जताई है कि जनहित से जुड़ी इस महत्वपूर्ण समस्या का शीघ्र समाधान होगा, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुलभ हो सकेगी और लोगों को राहत मिलेगी।

Naresh kumar ved

Naresh kumar ved

नाम: नरेश कुमार वेद

वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: उपखण्ड क्षेत्र, लसाड़िया (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): सभी प्रकार के स्थानीय समाचार और क्षेत्रीय मुद्दे

परिचय

नरेश कुमार वेद लसाड़िया उपखण्ड क्षेत्र के स्थानीय संवाददाता हैं। वह अपने कार्यक्षेत्र से जुड़ी सभी प्रकार की खबरों को नियमित रूप से कवर करते हैं। इसमें स्थानीय जनसमस्याएं, प्रशासनिक गतिविधियां, सामाजिक घटनाक्रम और ग्रामीण अंचल के समाचार शामिल हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

नरेश कुमार वेद को मीडिया क्षेत्र में दो दशकों का लंबा अनुभव है। वह साल 2006 से 'राजस्थान पत्रिका' में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और लगातार क्षेत्र में सक्रिय पत्रकारिता कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास (माध्यमिक शिक्षा) तक पूरी की है।

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