लसाड़िया। राजस्थान के उदयपुर जिले के लसाड़िया उपखंड स्थित ग्राम पंचायत घाटा में जल संकट गहरा गया है, जिससे आक्रोशित ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। भीषण किल्लत और प्रशासनिक उदासीनता से त्रस्त जनता ने अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी और तहसीलदार रामजीलाल गुर्जर को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्थाओं को सुधारने की चेतावनी दी। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कुल 23 हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिसके कारण महिलाओं और पशुपालकों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने तहसीलदार को अवगत कराया कि सरकार की महत्वाकांक्षी 'जल जीवन मिशन योजना' भी क्षेत्र में दम तोड़ती नजर आ रही है। योजना के तहत लगाए गए सोलर प्लांट और पानी की टंकियां सफेद हाथी साबित हो रही हैं। वर्तमान में सोलर प्लांट और टंकी दोनों ही बंद पड़े हैं, जिससे नल-जल योजना का लाभ जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है। पेयजल संकट के साथ-साथ ग्रामीणों ने संचार सेवाओं की बदहाली पर भी गहरा रोष व्यक्त किया। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में लगा मोबाइल टावर 24 घंटों में से महज 6 घंटे ही सक्रिय रहता है। बिजली गुल होते ही टावर के सिग्नल भी गायब हो जाते हैं, जिससे डिजिटल इंडिया के दौर में भी यह क्षेत्र शेष दुनिया से कट जाता है।

इन बहुमुखी समस्याओं से उपजे आक्रोश को देखते हुए तहसीलदार रामजीलाल गुर्जर ने मामले की गंभीरता को समझा और संबंधित विभाग के अधिकारियों को तुरंत फोन पर दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि पेयजल और अन्य तकनीकी समस्याओं का आगामी सात दिनों के भीतर समाधान कर दिया जाएगा। इस प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान सरपंच प्रत्याशी गोपीलाल, गौतम, बीपीएमएम जगदीश बोड, अर्जुन, केशर, लोगर और शंकर मीणा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने एक सुर में प्रशासन से जल्द राहत की मांग की है।

Pratahkal Newsroom

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