खरीफ सीजन: जिला कलेक्टर के निर्देश पर 176 कृषि केंद्रों का औचक निरीक्षण
जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए 19 अधिकारियों की टीमों ने पीओएस मशीन, स्टॉक पंजिका तथा वास्तविक भौतिक स्टॉक का गहन सत्यापन किया।

खरीफ सीजन के मद्देनजर जिला प्रशासन और कृषि विभाग की संयुक्त टीम द्वारा कृषि केंद्र पर स्टॉक पंजिका और वास्तविक खाद-बीज की उपलब्धता की जांच की जा रही है।
आगामी खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले में कृषि आदानों की उपलब्धता, गुणवत्ता एवं पारदर्शी वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक सघन निरीक्षण अभियान चलाया गया। जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी के निर्देशन में जिलेभर में कृषि आदान विक्रेताओं के विक्रय परिसरों पर औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें कुल 176 कृषि केंद्रों की जांच की गई।
इस निरीक्षण अभियान में सभी उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार एवं बीडीओ शामिल रहे। अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों को खरीफ सीजन के दौरान बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक की निर्बाध एवं आवश्यक उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा जमाखोरी एवं कालाबाजारी जैसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना रहा।
निरीक्षण के दौरान कृषि आदान विक्रेताओं के अनुज्ञा पत्रों की वैधता की विस्तृत जांच की गई। साथ ही विक्रय परिसरों में उपलब्ध पीओएस मशीन, स्टॉक पंजिका तथा वास्तविक भौतिक स्टॉक का भी गहन सत्यापन किया गया, ताकि रिकॉर्ड और वास्तविक उपलब्धता में किसी प्रकार की विसंगति न रहे।
जांच के दौरान जिन विक्रेताओं के यहां अनियमितताएं पाई गईं, उन्हें तत्काल सुधार के निर्देश जारी किए गए तथा आवश्यकतानुसार नोटिस भी दिए गए। पूरे अभियान में 19 अधिकारियों की टीमों द्वारा जिले के 176 कृषि केंद्रों का सघन निरीक्षण किया गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं होगा और खरीफ सीजन में कृषि आदानों की सुचारू एवं पारदर्शी उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए ऐसी कार्यवाहियां लगातार जारी रहेंगी।

Kalpita Bhavsar (Salumber)
कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।
