सलूंबर जिले की ऐतिहासिक जयसमंद झील की पाल सोमवार को जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनजागरण के संकल्प की साक्षी बनी, जहां राजस्थान सरकार के “वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के अंतर्गत जिला स्तरीय भव्य आयोजन आयोजित किया गया। प्राकृतिक और धार्मिक वातावरण के बीच हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, कार्यकर्ता और आमजन शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया गया।

कार्यक्रम में राजस्थान सरकार के राजस्व एवं उपनिवेशन मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं और संरचनाएं तैयार कर सकती है, लेकिन जब तक आमजन की सक्रिय भागीदारी नहीं होगी तब तक जल संरक्षण का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जल बचाने का संकल्प लेना होगा।

मंत्री हेमंत मीणा ने कहा कि जल प्रकृति का अमूल्य उपहार है और भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन के लिए जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार कार्य कर रही है और समाज की सहभागिता से ही जल संकट का स्थायी समाधान संभव है। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि माही का पानी जाखम में और जाखम का पानी जयसमंद तक लाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने ईआरसीपी और यमुना जल समझौते को प्रदेश की वर्षों पुरानी पेयजल मांग को पूरा करने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया।

उन्होंने कहा कि “वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” के माध्यम से जल संरक्षण की दिशा में सामूहिक संकल्प लिया गया है और इस मुहिम में सभी को आगे आकर अपनी विरासत बचाने के लिए योगदान देना चाहिए। उन्होंने वर्षा जल संचयन, पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग का आह्वान किया। मंत्री ने कहा कि जल की प्रत्येक बूंद अमूल्य है और ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल के सदुपयोग को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री हेमंत मीणा, विधायक शान्ता देवी मीणा, जिला कलक्टर मुहम्मद जुनैद पीपी, जिला उपाध्यक्ष चंद्रशेखर जोशी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों ने जयसमंद झील किनारे पीपल वृक्ष की पूजा-अर्चना कर पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति संवर्धन का संदेश दिया। इसके बाद जयसमंद झील के मध्य गंगा जल पूजन और महाआरती आयोजित की गई। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच हुए आयोजन ने श्रद्धा और पर्यावरण संरक्षण के समन्वय का संदेश दिया।

अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ दिनेश राय सापेला ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों और आमजन को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। सभी ने जल की प्रत्येक बूंद बचाने, जल स्रोतों को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम स्थल पर “जल है तो कल है” और “जल बचाओ-जीवन बचाओ” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया गया।

विधायक शान्ता देवी मीणा ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि जयसमंद जैसी ऐतिहासिक और प्राकृतिक धरोहरों का संरक्षण करना सभी का कर्तव्य है। उन्होंने महिलाओं और युवाओं से अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि समाज की जागरूकता से भविष्य में जल संकट जैसी समस्याओं का प्रभाव कम किया जा सकता है।

जिला कलक्टर मुहम्मद जुनैद पीपी ने कहा कि जिला प्रशासन जल संरक्षण को लेकर विभिन्न योजनाओं और नवाचारों के माध्यम से लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया that जिले में जल संरचनाओं के निर्माण, एनीकट विकास, तालाब गहरीकरण और वर्षा जल संचयन जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि “वन्दे गंगा जल संरक्षण जन अभियान” का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं बल्कि आमजन में जल संरक्षण के प्रति स्थायी जागरूकता विकसित करना है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार समृद्ध विरासत और संस्कृति को संरक्षित करने के लिए अभियान चला रही है और आमजन को इसमें अधिकतम भागीदारी करनी चाहिए। जिला कलक्टर ने अभियान की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसके अंतर्गत जल स्रोतों की सफाई, पौधारोपण, श्रमदान, जनजागरूकता गतिविधियां और जल संरक्षण संबंधी विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान जयसमंद क्षेत्र में जल संरक्षण को मजबूती देने के उद्देश्य से गिंगला एनीकट, सागदरा एनीकट और लिमजिया पंडेर सहित तीन महत्वपूर्ण एनीकट निर्माण कार्यों का वर्चुअल माध्यम से शिलान्यास किया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र में जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी, भूजल स्तर में सुधार होगा और किसानों एवं ग्रामीणों को दीर्घकालीन लाभ मिलेगा।

इस दौरान मंत्री, विधायक, जिला कलक्टर और जिला पुलिस अधीक्षक विशनाराम विश्नोई ने जयसमंद स्थित कमल तलाई में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का संचालन चंद्रवीर सिंह भाटी ने किया।

कार्यक्रम में एसीओ दिनेश पाटीदार, जयसमंद मंडल अध्यक्ष लक्ष्मण मीणा, मेवल मंडल अध्यक्ष नाहर सिंह, सराड़ा मंडल अध्यक्ष करण जोशी, नाथू कोलावत, मेघ सिंह जावद, पंकज चौबीसा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कार्यकर्ता और आमजन मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का सामूहिक संकल्प लिया।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story