सलूम्बर: सलूम्बर जिले के सुदूर आदिवासी अंचल लसाडिया उपखण्ड में इस वर्ष का गणतंत्र दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व के उल्लास तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा और समाज सेवा के एक नए अध्याय का साक्षी भी बना। बासुदेव कनोरिया सेवा संस्थान के वित्तीय सहयोग से प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन ने उन कर्मठ युवाओं को एक गरिमामय मंच प्रदान किया, जिन्होंने कड़ाके की ठंड में अपनी स्वेच्छा से ग्रामीण नौनिहालों का भविष्य संवारने का बीड़ा उठाया था। यह सम्मान समारोह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ओवरा और राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय अंग्गड़ सहित ब्लॉक के आठ प्रमुख विद्यालयों में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों के दौरान संपन्न हुआ, जहाँ सेवा और समर्पण का एक अद्भुत संगम देखने को मिला।

ब्लॉक लीडर कमल नागर ने इस पहल के विस्तृत पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि जब शीतकालीन अवकाश के दौरान विद्यालय बंद थे, तब इन चयनित गांवों में शिक्षा की निरंतरता बनाए रखने के लिए विंटर कैंप (शीतकालीन शिविर) आयोजित किए गए थे। इन शिविरों की सफलता का पूरा श्रेय उन स्थानीय स्वयंसेवकों को जाता है, जिन्होंने 'शिक्षा दूत' की भूमिका निभाई। ये स्वयंसेवक प्रतिदिन एक घंटा निकालकर कक्षा 3 से 5 तक के बच्चों के बीच पहुंचे और उन्हें केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाई। भाषा आधारित शैक्षणिक गतिविधियां, पारंपरिक खेल, रोचक कहानियां, बारहखड़ी और निरंतर अभ्यास कार्य के माध्यम से उन्होंने बच्चों की शिक्षण प्रक्रिया को आनंदमयी बना दिया। इसका प्रत्यक्ष परिणाम यह रहा कि बच्चों की भाषा समझ, पढ़ने की क्षमता और आत्मविश्वास में एक क्रांतिकारी सकारात्मक सुधार देखने को मिला।

गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर, जब विद्यालय प्रांगण तिरंगे की शान में सजे हुए थे, तब इन विंटर कैंप में उल्लेखनीय योगदान देने वाले स्वयंसेवकों को मुख्य अतिथि द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करते समय स्वयंसेवकों के चेहरों पर उत्साह और गर्व की मिश्रित चमक स्पष्ट देखी जा सकती थी, जो उनकी मेहनत की सार्थकता को बयां कर रही थी। स्वयंसेवकों ने भावुक होकर कहा कि इस पहल ने उन्हें बच्चों के साथ जुड़ने और समाज के लिए कुछ बेहतर करने का एक दुर्लभ अवसर प्रदान किया है। उन्होंने संकल्प लिया कि वे भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में इसी ऊर्जा के साथ अपना सहयोग निरंतर जारी रखेंगे।

इस अवसर पर प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के प्रतिनिधि, विद्यालय का समस्त स्टाफ, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणजन इस ऐतिहासिक क्षण के गवाह बने। कार्यक्रम के माध्यम से समूचे क्षेत्र में यह सशक्त संदेश प्रसारित किया गया कि यदि समुदाय सक्रिय रूप से सहभागी बने, तो ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाया जा सकता है। स्वयंसेवकों का यह योगदान मात्र एक घटना नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक और अनुकरणीय पहल के रूप में उभरा है, जो आने वाले समय में लसाडिया ब्लॉक के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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