ग्रामीण सेवा शिविर बना दो मासूमों का सहारा, दादी को दिलाया पालनहार योजना का लाभ और आर्थिक संबल
सलूंबर के ग्रामीण सेवा शिविर में दो मासूम बच्चों को दादी के साथ पालनहार योजना से जोड़कर आर्थिक सहायता सुनिश्चित की गई, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली।

जयसमंद के ग्रामीण सेवा शिविर में अधिकारी बच्चों को पालनहार योजना से संबंधित दस्तावेज सौंपते हुए।
राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर-2026 जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत और संबल का प्रभावी माध्यम बनते जा रहे हैं। पंचायत समिति जयसमंद की ग्राम पंचायत गातोड़ में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर के दौरान एक संवेदनशील मामले का त्वरित समाधान करते हुए दो मासूम बच्चों को पालनहार योजना से जोड़कर आर्थिक सहायता का मार्ग प्रशस्त किया गया।
शिविर के दौरान सामने आया कि बच्चों की मां के निधन के बाद दोनों मासूम अपनी दादी कलकी बाई मीणा के साथ रह रहे थे। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। पात्र होने के बावजूद परिवार को अब तक पालनहार योजना का लाभ नहीं मिल पाया था।
मामले की जानकारी मिलते ही शिविर में मौजूद संबंधित अधिकारियों ने आवश्यक दस्तावेजों की जांच कर त्वरित कार्रवाई की। दोनों बच्चों का पालनहार योजना के तहत आवेदन पूर्ण कराया गया तथा नियमानुसार प्रक्रिया पूरी कर उन्हें योजना का लाभ सुनिश्चित किया गया।
लाभार्थी कलकी बाई मीणा ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और ग्राम पंचायत के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से बच्चों की पढ़ाई और पालन-पोषण में बड़ी राहत मिलेगी तथा परिवार पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।
ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से पात्र परिवारों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है। यह पहल संवेदनशील प्रशासन, सुशासन और जनसेवा की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।

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