ग्राम रथ अभियान का समापन: CM भजनलाल शर्मा ने लाभार्थियों से किया संवाद
मुख्यमंत्री ने बगरू से वीसी के जरिए ग्राम विकास चौपाल को किया संबोधित, सलूंबर के डाल में जिला कलक्टर की मौजूदगी में आयोजित हुई संध्या चौपाल।

सलूंबर पंचायत समिति की ग्राम पंचायत डाल में आयोजित ग्राम रथ अभियान के जिला स्तरीय समापन समारोह और संध्या चौपाल में उपस्थित ग्रामीण एवं प्रशासनिक अधिकारी।
सलूंबर/बगरू। राज्य सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी 'ग्राम रथ अभियान' का शनिवार को गरिमामय समापन हो गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के बगरू स्थित ठिकरिया गांव से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से प्रदेशभर में आयोजित ग्राम रथ समापन समारोह को संबोधित किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से सीधा संवाद कर ग्राम विकास चौपालों के माध्यम से राज्य सरकार को आमजन के द्वार तक पहुंचाया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण जनता से 'विकसित राजस्थान संकल्प' को साकार करने में सक्रिय सहभागिता निभाने की पुरजोर अपील की। इस राज्य स्तरीय अभियान के समापन के तहत सलूंबर जिले की सलूंबर पंचायत समिति अंतर्गत ग्राम पंचायत डाल में जिला स्तरीय भव्य कार्यक्रम और संध्या चौपाल का आयोजन किया गया, जिसका लाइव प्रसारण सभी विधानसभा क्षेत्रों में हुआ। इस अभियान के माध्यम से किसान, महिला और युवाओं तक योजनाओं का सीधा लाभ सुनिश्चित किया गया है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में दृढ़तापूर्वक कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी किसान, मजदूर, युवा और महिला उत्थान के लिए पूरी तरह कृत संकल्पित हैं। हमारी सरकार ने प्राथमिकता के साथ प्रदेश के समग्र विकास का रोडमैप तैयार कर पानी, बिजली व रोजगार जैसे मूलभूत विषयों पर ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने बताया कि गत 27 अप्रेल को प्रारंभ हुए इस ग्राम रथ अभियान ने 183 विधानसभा क्षेत्रों में रथों के माध्यम से घूम-घूमकर जन-जन तक कल्याणकारी योजनाओं की प्रामाणिक जानकारी पहुंचाई है, जिससे ग्रामीणों को लाभ लेने में अत्यधिक सुगमता होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों एवं आमजन की जल आवश्यकताओं की संपूर्ण पूर्ति के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते सहित विभिन्न महत्वपूर्ण जल परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्धता से कार्य किया जा रहा है, वहीं गत दो वर्षों में मानसून की अच्छी वर्षा होने से प्रदेश के बांधों में पानी की बेहतर आवक भी दर्ज हुई है।
ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और वर्तमान में 26 जिलों के किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है, जिसे वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में विस्तारित कर दिया जाएगा। उन्होंने किसानों से पीएम कुसुम योजना का लाभ उठाकर अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता बनने का भी आह्वान किया। युवाओं के भविष्य पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि 'राइजिंग राजस्थान' के एमओयू अब धरातल पर उतर रहे हैं, जिससे निजी क्षेत्र में 3 लाख युवाओं को रोजगार मिला है, जबकि सरकार 4 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने के अपने वादे को भी निरंतर पूरा कर रही है। उन्होंने पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गत सरकार में पेपर लीक से युवाओं के सपने टूटे थे, लेकिन हमारी सरकार के कार्यकाल में एक भी पेपर लीक नहीं हुआ है और युवाओं को स्वरोजगार के लिए ऋण भी उपलब्ध करवाया जा रहा है।
डबल इंजन सरकार द्वारा किसानों को सशक्त बनाने के प्रयासों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय उपज को बढ़ावा देने के लिए प्रोसेसिंग यूनिट्स की स्थापना हेतु एमओयू किए गए हैं और कल्याणकारी योजनाओं से महिला सशक्तीकरण को गति दी जा रही है। प्रदेश में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु 'मुख्यमंत्री विकसित ग्राम-वार्ड अभियान' चलाकर विकास का विस्तृत रोडमैप बनाया जा रहा है। दुग्ध उत्पादन में राजस्थान की अग्रणी भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार डेयरी क्षेत्र में दुग्ध संकलन केन्द्रों की क्षमता और संख्या दोनों में निरंतर वृद्धि कर रही है। सहकारिता क्षेत्र में नवीन पैक्स खोले गए हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से डीएपी एवं यूरिया का उपयोग कम कर आधुनिक एवं जैविक खेती अपनाने तथा फलदार वृक्ष लगाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ अतिरिक्त आमदनी सृजित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सपने को पूरा करते हुए हमारी सरकार ने ढाई वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में गत सरकार की तुलना में कहीं अधिक कार्य किए हैं। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं से राजीविका से जुड़कर आर्थिक रूप से सक्षम बनने की बात कही और बताया कि पशुपालकों के लिए मोबाइल वेटरनरी वैन का संचालन करने के साथ ही मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 5 रुपये प्रति लीटर का अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम विकास चौपालों का यह क्रम निरंतर जारी रहेगा।
इस समापन समारोह के दौरान कार्यक्रम स्थल पर राज्य सरकार के 13 महत्वपूर्ण विभागों से संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी देने के साथ-साथ प्रचार-प्रसार सामग्री एवं साहित्य का बड़े पैमाने पर वितरण किया गया। लोक कलाकारों और कला जत्थों द्वारा शानदार कठपुतली प्रदर्शन एवं गीत-संगीत के माध्यम से ग्रामीणों को अत्यंत रोचक ढंग से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई, वहीं एलईडी वैन के माध्यम से योजनाओं से संबंधित विशेष वीडियो फिल्म भी प्रदर्शित की गई।
इसी कड़ी में, सलूंबर की ग्राम पंचायत डाल में आयोजित संध्या चौपाल एवं जनसुनवाई कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी ने ग्रामीणों एवं आमजन से सीधा संवाद किया। उन्होंने राज्य सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से मिल रहे लाभ की समीक्षा की तथा ग्रामीणों की समस्याओं एवं सुझावों को अत्यंत गंभीरता से सुना। जिला कलक्टर ने बताया कि इस ग्राम रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य कृषकों, पशुपालकों एवं ग्रामीणों तक राज्य सरकार की योजनाओं एवं विकास कार्यों की जानकारी सरल व प्रभावी तरीके से पहुंचाना है ताकि अंतिम छोर का व्यक्ति लाभान्वित हो सके। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत पेयजल, सड़क, बिजली, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सहित विभिन्न समस्याओं की परिवेदनाएं सुनकर जिला कलक्टर ने मौके पर ही उपस्थित अधिकारियों को उनके त्वरित निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री महोदय की मंशा के अनुरूप रात्रि चौपाल में आने वाले सभी प्रकरणों में विभागीय अधिकारी गंभीरतापूर्वक त्वरित कार्यवाही करते हुए पीड़ितों को तत्काल राहत पहुंचाना सुनिश्चित करें। इस महत्वपूर्ण जिला स्तरीय कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला, एसीईओ दिनेश चंद्र पाटीदार, उपखंड अधिकारी सुरेश कुमार बलाई, तहसीलदार मयूर शर्मा, सीएमएचओ डॉ. महेन्द्र परमार, पीआरओ पुष्पक मीणा, एसीपी दीपक धाकड़, आयुर्वेद विभाग से डॉ. जितेंद्र जोशी, ममता जाखड़, राजेश शर्मा सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण विशिष्ट रूप से उपस्थित रहे।

