सलूंबर। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य मोहन मोरवाल की अध्यक्षता में पंचायत समिति सलूंबर के सभागार में आयोजित जन-सुनवाई एवं जनसंवाद कार्यक्रम ने नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर एक महत्वपूर्ण विमर्श को जन्म दिया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने मोहन मोरवाल का पारंपरिक पगड़ी एवं उपरना पहनाकर आत्मीय स्वागत-अभिनंदन किया।

आयोग के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम राठौड़ ने बताया कि इस जनसंवाद का उद्देश्य नगरीय निकायों एवं पंचायती राज संस्थानों में अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक प्रतिनिधित्व, ओबीसी जनगणना और इससे जुड़े समसामयिक मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों के साथ प्रत्यक्ष संवाद स्थापित करना था। कार्यक्रम के दौरान आवेदकों द्वारा प्रस्तुत शिकायतों, मांग-पत्रों और समस्याओं को आयोग ने गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ सुना, वहीं प्रतिभागियों ने खुली परिचर्चा में अपने सुझाव और विचार भी रखे।

अपने संबोधन में आयोग सदस्य मोहन मोरवाल ने कहा कि राज्य सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास और सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर ठोस और प्रभावी कदम उठा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग का मुख्य उद्देश्य आमजन से सीधे संवाद कर ओबीसी वर्ग से जुड़े क्षेत्रवार मुद्दों, विकास संबंधी आवश्यकताओं, सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों और कल्याण से जुड़ी अपेक्षाओं को संकलित करना है, ताकि इनके आधार पर पंचायती राज एवं नगरीय निकायों में ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर एक समग्र, तथ्यात्मक और व्यवहारिक रिपोर्ट राज्य सरकार को प्रस्तुत की जा सके।

मोरवाल ने यह भी कहा कि ग्रामीण और शहरी स्थानीय निकायों में सभी स्तरों पर अन्य पिछड़ा वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति, उसकी तीव्रता और उसके प्रभावों का समसामयिक एवं अनुभवजन्य अध्ययन आयोग की प्राथमिकता है। इसी अध्ययन के आधार पर पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के निर्वाचन में ओबीसी आरक्षण के संबंध में समयबद्ध अनुशंसाएं राज्य सरकार को सौंपी जाएंगी। उन्होंने दोहराया कि आयोग का लक्ष्य राजस्थान में सामाजिक एवं शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों के समुचित और न्यायसंगत राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करना है, जिसके लिए वैज्ञानिक और व्यावहारिक फार्मूले के आधार पर आरक्षण से जुड़ी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

खुली परिचर्चा के दौरान जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने आयोग के समक्ष अपने विचार विस्तार से रखे। आयोग ने आश्वस्त किया कि इस जनसंवाद से प्राप्त सभी सुझावों को अंतिम रिपोर्ट में सम्मिलित कर राज्य सरकार को प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे प्रदेश में ओबीसी वर्ग के राजनीतिक सशक्तिकरण को नई दिशा मिल सके।

इस महत्वपूर्ण जन-सुनवाई कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला, एसीईओ दिनेश चंद्र पाटीदार, वरिष्ठ नेता वेणी राम सुथार, भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष वालजी सुथार, पंचायत समिति प्रतिपक्ष नेता सोनलाल चौधरी, पूर्व बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश प्रजापत सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने ओबीसी प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर प्रशासन, आयोग और समाज के बीच संवाद की एक सशक्त कड़ी स्थापित की।

Pratahkal Bureau

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