जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, कुण का निरीक्षण कर विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक, आवासीय एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को विद्यार्थियों की सुविधा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों से आत्मीयता के साथ संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, विषयों की समझ, विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं, दैनिक दिनचर्या तथा किसी प्रकार की समस्या के बारे में जानकारी ली। जिला कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विद्यार्थियों से सीधे संवाद के माध्यम से उन्होंने विद्यालय की वास्तविक व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों की अपेक्षाओं को समझने का प्रयास किया।

भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू की ली जानकारी

जिला कलेक्टर ने विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन के मेन्यू, गुणवत्ता तथा विद्यार्थियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध होने के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित कार्मिकों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों को पौष्टिक, गुणवत्तापूर्ण एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए और निर्धारित मेन्यू की नियमित रूप से पालना सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि आवासीय विद्यालय में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए भोजन व्यवस्था अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं पौष्टिकता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

विद्यालय में मिल रही सुविधाओं का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने विद्यार्थियों को विद्यालय में उपलब्ध कराई जा रही विभिन्न सुविधाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने आवासीय व्यवस्था, पेयजल, स्वच्छता, अध्ययन कक्ष, खेल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय परिसर में साफ-सफाई और सुव्यवस्थित वातावरण बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण मिल सके।

शिक्षकों से शैक्षणिक व्यवस्था पर किया संवाद

जिला कलेक्टर ने विद्यालय के शिक्षकों से संवाद कर शैक्षणिक गतिविधियों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाई की प्रगति एवं विद्यालय संचालन से संबंधित जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों और पढ़ाई में आने वाली चुनौतियों के बारे में भी शिक्षकों से जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि प्रत्येक विद्यार्थी की शैक्षणिक प्रगति पर नियमित निगरानी रखी जाए। जिन विद्यार्थियों को किसी विषय में कठिनाई आ रही है, उन पर विशेष ध्यान देकर अतिरिक्त सहयोग प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने तक सीमित न रखते हुए उनके व्यक्तित्व विकास, अनुशासन, आत्मविश्वास एवं प्रतिभा को निखारने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर

जिला कलेक्टर ने कहा कि आवासीय विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए विद्यालय ही उनका घर और शिक्षण का प्रमुख केंद्र होता है। ऐसे में यहां विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा, पौष्टिक भोजन, सुरक्षित आवास, स्वच्छ वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होना बेहद जरूरी है।

उन्होंने विद्यालय प्रबंधन एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों से जुड़ी व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी कमी अथवा समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुविधा एवं उनके उज्ज्वल भविष्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने विद्यालय की व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं शिक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और विद्यार्थियों के हित में सभी व्यवस्थाओं को बेहतर एवं प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया।

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