सलूंबर, 10 दिसंबर। जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने बुधवार को वीरबाला कालीबाई राजकीय जनजाति बालिका आश्रम छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्राएं स्कूल गई हुई थीं, लेकिन छात्रावास की व्यवस्थाओं और भवन की हालत को लेकर जिला कलेक्टर ने गंभीर चिंता व्यक्त की।

निरीक्षण में छात्रावास के भवन कई हिस्सों में जर्जर पाए गए। जिला कलेक्टर ने मरम्मत कार्य तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बजट स्वीकृत होने के बावजूद स्वच्छ एजेंसी द्वारा मरम्मत कार्य शुरू न करने की जिम्मेदारी स्पष्ट की जाए। शौचालयों की टूटी और क्षतिग्रस्त स्थिति पर भी सुधार के कड़े आदेश दिए गए।

इस अवसर पर उपायुक्त, टी.ए.डी., सलूम्बर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। अगस्त माह से छात्रावास का भोजन बजट जारी न होने पर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने और लंबित भुगतान जारी करने के निर्देश दिए गए। जिला कलेक्टर ने यह भी कहा कि यह अत्यंत खेदजनक है कि वार्डन को अपने वेतन से छात्राओं के लिए भोजन व्यवस्था करनी पड़ रही है।

जिला कलेक्टर ने छात्रावास में खेल गतिविधियों के लिए सात दिन के भीतर अंशकालिक या प्रतिनियुक्ति पर खेल कोच नियुक्त करने, पुस्तकालय तत्काल प्रारंभ करने और छात्राओं को पुस्तकें रजिस्टर में दर्ज कर वितरित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि छात्रावास में उपलब्ध संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

निरीक्षण के दौरान कंप्यूटर कक्षाएं संचालित नहीं पाई गईं, जिससे जिला कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने वार्डन को छात्राओं के लिए प्रतिदिन शाम 6 से 8 बजे तक अनिवार्य ‘स्टडी ऑवर’ लागू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, प्रधानाचार्य, ई.एम.आर.एस., प्रेमनगर को छात्राओं को नशे और धूम्रपान के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने एवं काउंसलिंग करने के लिए निर्देशित किया गया।

जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने कहा कि छात्रावास में शीघ्र ही सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्राएं सुरक्षित और सुगठित वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकें।


Kalpita Bhavsar (Salumber)

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कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।

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