40 साल तक बनोडा के सरपंच रहे देवी लाल पटेल का निधन, 90 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
करीब 40 वर्षों तक बनोडा पंचायत के सरपंच रहे देवी लाल पटेल का निधन हो गया, जिनके अंतिम संस्कार में विभिन्न दलों के नेता पहुंचे।

सलूंबर की बनोडा पंचायत के पूर्व सरपंच देवी लाल पटेल का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिन्होंने करीब चार दशक तक ग्रामीणों की सेवा की।
सलूम्बर। बनोडा पंचायत में करीब 40 वर्षों तक सरपंच की जिम्मेदारी संभालकर ग्रामीणों की सेवा करने वाले पूर्व सरपंच देवी लाल पटेल का शुक्रवार को 90 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर से क्षेत्र में शोक की लहर छा गई। उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा जनसेवा, ग्रामीणों के हितों और सामाजिक कार्यों के लिए समर्पित किया।
देवी लाल पटेल का नाम बनोडा पंचायत में लंबे समय तक सरपंच की जिम्मेदारी निभाने वाले जनप्रतिनिधियों में प्रमुखता से लिया जाता रहा। करीब चार दशक तक पंचायत का नेतृत्व करते हुए उन्होंने ग्रामीणों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। उनका राजनीतिक सफर पंचायत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कांग्रेस पार्टी में भी विभिन्न पदों पर रहकर उन्होंने सक्रिय भूमिका निभाई।
पटेल सलूंबर में कांग्रेस के ब्लॉक उपाध्यक्ष और सलूंबर लैम्प्स के अध्यक्ष भी रहे। मेवल, छप्पन और वागड क्षेत्र में समाजसेवा के कार्यों के लिए वे हमेशा तत्पर रहते थे। जनहित से जुड़े कार्यों में उनकी सक्रियता के चलते क्षेत्र में उन्हें विशेष सम्मान प्राप्त था। लंबे समय तक जनप्रतिनिधि के रूप में जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने अपने जीवन के कई दशक ग्रामीणों की सेवा में बिताए।
शुक्रवार को उनके अंतिम संस्कार में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों के साथ कांग्रेस, भाजपा और भारत आदिवासी पार्टी के पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने दिवंगत देवी लाल पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। करीब 40 वर्षों तक बनोडा पंचायत की जिम्मेदारी संभालने वाले देवी लाल पटेल का लंबा जनसेवा का सफर क्षेत्र के लोगों के बीच स्मरणीय रहेगा।

Kalpita Bhavsar (Salumber)
कलपिता भवसार (सालुम्बर) प्रात:काल न्यूज़ की प्रतिष्ठित रिपोर्टर हैं, जिनका पत्रकारिता में अनुभव और निपुणता उन्हें क्षेत्रीय और राष्ट्रीय खबरों की सटीक और निष्पक्ष कवरेज प्रदान करने में सक्षम बनाती है। सालुम्बर से होने के नाते, वे स्थानीय मुद्दों, सामाजिक घटनाओं और जनसामान्य की आवाज़ को प्रभावी ढंग से पाठकों तक पहुंचाने का काम करती हैं। उनका लेखन तथ्यात्मक, स्पष्ट और प्रभावशाली है, जो पाठकों को खबरों के मूल अर्थ तक सीधे जोड़ता है।
