एनीमिया की रोकथाम एवं नियंत्रण को लेकर जिला कलक्टर मुहम्मद जुनेद पी पी के नेतृत्व में मंगलवार को स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अदकालिया क्षेत्र के विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए बच्चों एवं बालिकाओं को आयरन-फोलिक एसिड के नियमित सेवन तथा पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक किया गया।

जिला कलक्टर ने अदकालिया सोलर, राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय अदकालिया एवं उप स्वास्थ्य केंद्र अदकालिया का निरीक्षण किया। विद्यालय में उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद कर शिक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी विषयों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही मीणावाड़ा आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, पोषण गतिविधियों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. महेन्द्र कुमार परमार, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.डी. मीना, उपनिदेशक आईसीडीएस श्री विजय राज मीना एवं मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी श्री कपिल कुमार मेहता सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक उपस्थित रहे।

विद्यालय एवं आंगनवाड़ी केंद्र में उपस्थित बालक-बालिकाओं को एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं रोकथाम के उपायों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बच्चों को नियमित रूप से आयरन-फोलिक एसिड की खुराक लेने तथा संतुलित एवं पौष्टिक आहार का सेवन करने के लिए प्रेरित किया।

अधिकारियों ने बताया कि 1 से 5 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को 1 एमएल आयरन-फोलिक एसिड सिरप पिलाया जाता है। इसी प्रकार कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को प्रत्येक मंगलवार 45 मिलीग्राम आयरन की गुलाबी गोली तथा कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को 60 मिलीग्राम आयरन की नीली गोली दिए जाने का प्रावधान है। विद्यार्थियों को आयरन-फोलिक एसिड की नियमित खुराक लेने के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

जिला कलक्टर ने उप स्वास्थ्य केंद्र अदकालिया का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने, संस्थान की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित रखने तथा विभागीय योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मीणावाड़ा आंगनवाड़ी केंद्र के निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने केंद्र पर बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही पोषण एवं अन्य सेवाओं की जानकारी ली तथा संबंधित कार्मिकों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।

अधिकारियों ने कहा कि नियमित आयरन-फोलिक एसिड सेवन एवं पौष्टिक आहार के माध्यम से बच्चों एवं किशोरियों में एनीमिया की स्थिति में कमी लाई जा सकती है तथा हीमोग्लोबिन स्तर में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों एवं संबंधित कार्मिकों को आयरन-फोलिक एसिड की नियमित खुराक सुनिश्चित करने तथा एनीमिया नियंत्रण गतिविधियों में सक्रिय सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए।

स्वास्थ्य, शिक्षा एवं महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा एनीमिया की रोकथाम के लिए जागरूकता, स्क्रीनिंग एवं निगरानी गतिविधियों को प्रभावी रूप से संचालित करने पर विशेष जोर दिया गया।

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