सलूंबर। राजस्थान के पशुपालकों की आर्थिक रीढ़ को मजबूती देने और उनके पशुधन को सुरक्षा कवच प्रदान करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। सलूंबर जिले में मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना (MMPBY) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पंजीकरण और बीमा की प्रक्रिया को समानांतर रूप से प्रारंभ कर दिया गया है। वर्ष 2024-25 की बीमा प्रक्रिया की सफलतापूर्वक पूर्णता के बाद प्रशासन ने अब नए वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को साधने के लिए कमर कस ली है। इस एकीकृत पहल का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि अब पशुपालकों को पंजीकरण के बाद बीमा सुरक्षा के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, बल्कि दोनों कार्य एक साथ होने से उन्हें तत्काल सुरक्षा कवर प्राप्त होगा।

जिले के सुदूर गांवों से लेकर ब्लॉक मुख्यालयों तक, पशुपालन विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। वर्तमान में गाय, भैंस, बकरी और भेड़ जैसे महत्वपूर्ण पशुधनों की टैगिंग और पंजीकरण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। विभाग के कर्मठ अधिकारी और कर्मचारी द्वार-द्वार जाकर न केवल पशुपालकों को इस महत्वाकांक्षी योजना के लाभ समझा रहे हैं, बल्कि मौके पर ही पात्र पशुओं को बीमा सुरक्षा से जोड़ रहे हैं। इस मुहिम का उद्देश्य पशुधन की किसी भी आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में होने वाले भारी आर्थिक नुकसान से पशुपालकों को बचाना है।

संयुक्त निदेशक डॉ. सुरेश कुमार जैन ने योजना की बारीकियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंजीकरण और बीमा कार्य को एक साथ जोड़ने से पूरी प्रक्रिया में अभूतपूर्व तेजी आएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस नई व्यवस्था से भविष्य में बीमा दावों का निस्तारण कहीं अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सकेगा। डॉ. जैन के अनुसार, विभाग प्रत्येक ब्लॉक में नियमित मॉनिटरिंग कर रहा है ताकि योजना का लाभ अंतिम छोर पर बैठे पशुपालक तक पहुंच सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस योजना का मूल मंत्र छोटे और सीमांत पशुपालकों को वह आर्थिक संबल प्रदान करना है, जिससे उनकी आजीविका में स्थिरता आए और पशुपालन का व्यवसाय जोखिम मुक्त बन सके।

सलूंबर जिले के लिए इस वर्ष लक्ष्यों का निर्धारण भी व्यापक स्तर पर किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में कुल 24,250 पशुओं के बीमा का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें विविधता का विशेष ध्यान दिया गया है। इस लक्ष्य के तहत 4,900 गायों, 6,600 भैंसों, 2,000 भेड़ों, 10,500 बकरियों और 250 ऊँटों को बीमा कवर प्रदान किया जाएगा। आधुनिकता के समावेश के साथ, पंजीकरण की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है। इच्छुक पशुपालक विभाग के विशेष मोबाइल ऐप 'Mangla Pashu Bima Yojana 25-26' अथवा आधिकारिक वेबसाइट https://mmpby.rajasthan.gov.in के माध्यम से घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।

पशुपालन विभाग ने सलूंबर के समस्त पशुपालकों से भावुक अपील की है कि वे समय रहते अपने बहुमूल्य पशुधन का बीमा कराएं। विभाग ने यह भी सचेत किया है कि किसी भी अप्रिय घटना या पशु की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय या कार्यालय को सूचित करें ताकि बीमा राशि के भुगतान की प्रक्रिया को अविलंब शुरू किया जा सके। राज्य सरकार की यह पहल न केवल पशुधन की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में विश्वास का एक नया संचार भी कर रही है।

Pratahkal Bureau

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