। शिक्षा की नगरी कोटा के कुन्हाड़ी, रिद्धि-सिद्धि नगर स्थित भगवान ऋषभदेव गुरुकुलम अब विद्यार्थियों के लिए लौकिक और आध्यात्मिक शिक्षा का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरने जा रहा है। परम पूज्य आचार्य श्री 108 विराग सागर जी महाराज एवं 108 विशुद्ध सागर जी महाराज की परम प्रभावक शिष्या परम पूज्य गणिनी आर्यिका श्री 105 विभाश्री माताजी के मंगल आशीर्वाद से संचालित इस संस्थान में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026 के लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक की प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी क्रम में रविवार को देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्यार्थियों के साक्षात्कार सफलतापूर्वक संपन्न हुए, जहाँ उन्हें आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों के समन्वय वाले निशुल्क वातावरण से जोड़ने का संकल्प दोहराया गया।

संस्थान के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार पाण्ड्या ने जानकारी दी कि गुरुकुल में चयनित विद्यार्थियों के लिए आवास एवं भोजन की पूर्णतः निःशुल्क व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। गुरुकुल की दिनचर्या को अत्यंत अनुशासित रखा गया है, जो प्रातः 5 बजे से रात्रि 10 बजे तक निर्धारित रहेगी। इस नियमित जीवनशैली में प्रतिदिन की शुरुआत प्रातःकालीन देवदर्शन एवं जिनदर्शन के मंगल आयोजनों से होगी, जिससे विद्यार्थियों में चारित्रिक शुचिता का संचार हो सके। महामंत्री ताराचंद जैन बड़ला ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि यह संस्थान समावेशी दृष्टिकोण रखता है, जहाँ प्रवेश केवल जैन धर्म तक सीमित नहीं है, बल्कि अन्य धर्मों के जिज्ञासु विद्यार्थी भी प्रवेश प्राप्त करने के पात्र हैं। उन्होंने बताया कि यहाँ लौकिक विषयों के साथ-साथ कक्षा 9वीं में जैन धर्म एवं संस्कार, 10वीं में जैन धर्म आचार संहिता, 11वीं में जैन गणित तथा 12वीं में जैन इतिहास का गहन अध्ययन कराया जाएगा।

प्रवेश प्रक्रिया की तकनीकी जानकारी देते हुए कोषाध्यक्ष निर्मल कुमार अजमेरा ने बताया कि प्रथम चरण में ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन किया गया था। इस परीक्षा के आधार पर चयनित मेधावी छात्रों के साक्षात्कार के उपरांत कक्षा 9वीं में कुल 25 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जाना है, जिनमें से 12 विद्यार्थियों का चयन प्रथम चरण में पूर्ण कर लिया गया है। विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु संस्थान अंग्रेजी माध्यम से उच्च स्तरीय शिक्षा, अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब, आर्ट एवं डांस रूम, डिजिटल स्मार्ट कक्षाएं तथा समय-समय पर ज्ञानवर्धक शैक्षणिक भ्रमण जैसी विश्वस्तरीय सुविधाएं प्रदान करेगा। इस संपूर्ण चयन प्रक्रिया को अधिष्ठाता पं. कमल कुमार भोपाल, विषय विशेषज्ञ डॉ. पंकज जैन शास्त्री तथा अधीक्षक जगदीश शास्त्री ने सूक्ष्मता से संपन्न कराया। गरिमामयी आयोजन के दौरान राजमल पाटौदी, अशोक सांवला, बाबूलाल जैन, महावीर प्रसाद बड़ला, राजेन्द्र गोधा, प्रकाश मेहरूवाला और अनिल ठौरा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने इस गुरुकुल को भविष्य के आदर्श नागरिक गढ़ने वाली प्रयोगशाला के रूप में सराहा।


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