ईमानदारी की मिसाल: रास्ते में मिला प्रधानाचार्य का मोबाइल पेमाराम ने सुरक्षित लौटाया
आमेट में केलवा निवासी पेमाराम ने मिला हुआ प्रधानाचार्य योगेश तंबोली का मोबाइल लौटाकर ईमानदारी और जिम्मेदारी की मिसाल पेश की।

तस्वीर में बाएं से योगेश तंबोली और दाएं पेमाराम खड़े नजर आ रहे हैं, जिनके पीछे एक ट्रक और जमीन पर कुत्ता बैठा दिखाई दे रहा है।
केलवा से आमेट की ओर लौटते समय तुलसी अमृत विद्यापीठ के प्रधानाचार्य योगेश तंबोली का मोबाइल फोन रास्ते में कहीं गिर गया। काफी देर तक खोजबीन करने के बाद भी मोबाइल का कोई पता नहीं चल सका।
इसी दौरान केलवा निवासी पेमाराम को वह मोबाइल रास्ते में मिला। उन्होंने मोबाइल में उपलब्ध संपर्क नंबर के माध्यम से इसकी सूचना दी और अपनी ईमानदारी व जिम्मेदारी का परिचय देते हुए मोबाइल के वास्तविक मालिक योगेश तंबोली को सुरक्षित वापस सौंप दिया।
पेमाराम के इस सराहनीय कार्य की सभी ने प्रशंसा की। योगेश तंबोली ने उनके प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे ईमानदार, संवेदनशील और कर्तव्यनिष्ठ नागरिक समाज के लिए प्रेरणा स्रोत होते हैं।
पेमाराम ने पिंटू बागवान के साथ यह मोबाइल आमेट भिजवाया। यह घटना समाज में ईमानदारी, विश्वास, नैतिक मूल्यों और पारस्परिक सहयोग की भावना को मजबूत करने वाली एक अनुकरणीय मिसाल बनी है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
