कपासन में गूँजेगी अकीदत की सदाएं: जश्ने अशरफ में शिरकत करेंगे देश के प्रख्यात उलेमा
कपासन में 6 जनवरी को हजरत मखदूम अशरफ जहाँगीर सिमनानी की याद में भव्य 'जश्ने अशरफ' का आयोजन होगा। पंडवा शरीफ के डॉ. सैयद जलालुद्दीन अशरफ (कादरी मियां) मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत करेंगे। मोमीन मोहल्ला में ईशा की नमाज के बाद सजने वाली इस रूहानी महफिल में देशभर के नामचीन उलेमा और शायर जुटेंगे। आस्था और सूफीवाद के इस अनूठे संगम की पूरी जानकारी के लिए पढ़ें यह विशेष रिपोर्ट।

कपासन/चित्तौड़गढ़। राजस्थान की ऐतिहासिक धरा कपासन में आस्था और रूहानियत का एक अनूठा संगम होने जा रहा है। विश्व प्रसिद्ध सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहाँगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैह की मुकद्दस याद में मंगलवार, 6 जनवरी को 'जश्ने अशरफ' का भव्य आयोजन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के किछोछा शरीफ की रूहानी विरासत को समेटे यह कार्यक्रम कपासन के मोमीन मोहल्ला स्थित नहर के समीप आयोजित होगा, जिसकी तैयारियों ने पूरे क्षेत्र में उत्साह का संचार कर दिया है।
बज्मे अशरफी के सचिव एवं पूर्व पार्षद अशरफ हुसैन अंसारी ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी यह आयोजन पूरी आन-बान और शान के साथ संपन्न होगा। ईशा की नमाज के पश्चात शुरू होने वाली इस महफिल में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ेगा। इस रूहानी जलसे का मुख्य आकर्षण पीरे तरीकत औलादे गौसे आजम हजरत अल्लामा अलहाज डॉक्टर सैयद जलालुद्दीन अशरफ, जिन्हें पूरी दुनिया 'कादरी मियां' के नाम से जानती है, का विशेष संबोधन होगा। पश्चिम बंगाल के मालदा जिला स्थित पंडवा शरीफ के मखदूम अशरफ मिशन के चेयरमैन कादरी मियां अपने पुरअसर बयान से कौम को रूहानियत और अमन का पैगाम देंगे।
कार्यक्रम की भव्यता को चार चाँद लगाने के लिए शायरे इस्लाम उस्मान गनी के साथ ही कई स्थानीय एवं बाहरी ओलेमा-ए-किराम और शोएरा हजरात शिरकत करेंगे, जो अपनी नातिया कलाम और तकरीरों से माहौल को नूरानी बनाएंगे। बज्मे अशरफी के सदर अब्दुरज्जाक मंसूरी ने प्रशासनिक और व्यवस्थागत तैयारियों की पुष्टि करते हुए बताया कि हजरत कादरी मियां बुधवार प्रातः काल डबोक हवाई अड्डे से लखनऊ के लिए प्रस्थान करेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्ता रखता है, बल्कि यह क्षेत्र की साझी विरासत और सूफीवाद के प्रति गहरी आस्था का प्रतीक भी है।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
