आमेट में गूँजा महिला सशक्तिकरण का स्वर: राजकीय महाविद्यालय के एनएसएस शिविर में छात्राओं को सिखाया स्वावलंबन का पाठ
आमेट के श्री हीरालाल देवपुरा राजकीय महाविद्यालय में एनएसएस शिविर के दौरान महिला सशक्तिकरण पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचार्य रामकेश मीणा और सहायक आचार्य रामेश्वरी ने छात्राओं को अधिकारों, आत्मरक्षा और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करते हुए आत्मनिर्भर बनने हेतु प्रेरित किया। पढ़ें, कैसे शिक्षा और कौशल विकास से बदल रही है आमेट की बेटियों की तस्वीर।

आमेट। शिक्षित और समर्थ नारी ही एक प्रगतिशील समाज की वास्तविक पहचान होती है, इसी ध्येय को चरितार्थ करते हुए श्री हीरालाल देवपुरा राजकीय महाविद्यालय, आमेट में महिला सशक्तिकरण की एक नई अलख जगाई गई। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय विशेष शिविर के दूसरे दिन आज परिसर का वातावरण छात्राओं के उत्साह और जागरूकता के स्वर से ओतप्रोत रहा। इस विशेष सत्र का आयोजन न केवल छात्राओं को उनके संवैधानिक अधिकारों से परिचित कराने के लिए किया गया, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने हेतु मानसिक रूप से सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भी किया गया।
कार्यक्रम की गरिमामयी अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य रामकेश मीणा द्वारा की गई। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्राचार्य मीणा ने एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी पर बल दिया। उन्होंने अत्यंत ओजस्वी शब्दों में कहा कि एक शिक्षित महिला केवल अपना भविष्य नहीं संवारती, बल्कि वह पूरे समाज की नींव को मजबूती प्रदान करती है। उन्होंने छात्राओं का आह्वान किया कि वे अपनी क्षमताओं को पहचानें, आत्मविश्वास के साथ चुनौतियों का सामना करें और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर अडिग रहें।
इसी क्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित सहायक आचार्य रामेश्वरी ने महिला सशक्तिकरण के विविध आयामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समकालीन परिदृश्य का उल्लेख करते हुए बताया कि आज के युग में स्त्रियाँ किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कमतर नहीं हैं और अपनी मेधा व परिश्रम से नित नए आयाम स्थापित कर रही हैं। उन्होंने छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ कौशल विकास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
जागरूकता सत्र के दौरान छात्राओं को महिला स्वास्थ्य, सुरक्षा के कानूनी प्रावधानों और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की सूक्ष्म जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं ने पूरे मनोयोग से विमर्श में भाग लिया और अपनी जिज्ञासाओं का समाधान किया। अंत में महाविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी प्रतिभागियों एवं आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए इस संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया कि शिक्षा और जागरूकता का यह अभियान केवल परिसर तक सीमित न रहकर समाज के हर कोने तक पहुँचेगा।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
