उदयपुर। मेवाड़ की ऐतिहासिक धरा पर त्याग, तपस्या और शौर्य की गौरवशाली परंपरा को संजोए हुए अखिल भारतीय मेवाड़ राजपूत महासभा (ट्रस्ट) उदयपुर-राजसमंद का वार्षिक सम्मेलन और प्रतिभा सम्मान समारोह कविता स्थित 'उदय राज भवन' में भव्यता के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक औपचारिक मिलन मात्र नहीं रहा, बल्कि बदलते परिवेश में समाज को सशक्त बनाने, शिक्षा के प्रसार और गहरी पैठ बना चुकी सामाजिक कुरीतियों को जड़ से मिटाने के संकल्प का साक्षी बना। कार्यक्रम की शुरुआत मां भवानी के चरणों में वंदन के साथ हुई, जिसके बाद समाज के प्रबुद्धजनों ने मेवाड़ की प्रगति का नया खाका खींचा।

समारोह का मुख्य आकर्षण वे होनहार चेहरे रहे, जिनकी आंखों में उज्ज्वल भविष्य के सपने और हाथों में मेहनत की लकीरें थीं। महासभा ने शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में प्रथम श्रेणी हासिल करने वाले 298 मेधावी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर नवाजा। इसके साथ ही, सरकारी सेवाओं में चयनित होकर समाज का मान बढ़ाने वाले 56 नवनियुक्त अधिकारियों का बहुमान किया गया। इस अवसर पर महासभा के अध्यक्ष भंवर सिंह चदाणा ने अपने संबोधन में वैचारिक गहराई के साथ कहा कि आज का युग तलवार का नहीं बल्कि कलम और प्रतिस्पर्धा का है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे शिक्षा को अपना सबसे शक्तिशाली अस्त्र बनाएं, क्योंकि आत्मनिर्भरता का मार्ग केवल ज्ञान की गलियों से होकर ही गुजरता है।

सेवा के संकल्प को चरितार्थ करते हुए सम्मेलन के दौरान एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। युवा महासभा अध्यक्ष दिनेश सिंह चदाणा और बसंत सिंह ऊँठड़ के कुशल संयोजन में टीम ने सेवा की अनूठी मिसाल पेश की। इस पुनीत कार्य में गोपाल सिंह भारोड़ी, लक्ष्मण सिंह प्रतापपुरा, भेरू सिंह ईसवाल और दीप सिंह के नेतृत्व में बड़ी संख्या में रक्त यूनिट संग्रहित की गई, जो संकट के समय मानवता के काम आएगी।

सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण पहलू सामाजिक आत्ममंथन रहा। वक्ताओं ने विवाह आयोजनों में बढ़ती फिजूलखर्ची, हल्दी की रस्मों के तमाशे, प्री-वेडिंग शूट की चकाचौंध और आभूषणों के अनावश्यक प्रदर्शन जैसी आधुनिक कुरीतियों पर तीखा प्रहार किया। समाज सुधार की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए मैरिज ब्यूरो के संचालन, चौखला वार कमेटियों के गठन और आगामी वर्ष में सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित करने के प्रस्तावों पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई।

इस गरिमामय आयोजन में पूर्व अध्यक्ष सूरत सिंह चदाणा, संरक्षक भूर सिंह, उपाध्यक्ष ओम सिंह चदाणा, महासचिव पंकज सिंह कडेचा और एडवोकेट लाल सिंह परमार की उपस्थिति ने चर्चाओं को नई दिशा दी। साथ ही कोषाध्यक्ष मनोहर सिंह गहलोत, बंसी सिंह जी फरारा, शंकर सिंह जी, सोहन सिंह जी गांव गुड़ा, खमनोर भाजपा मंडल अध्यक्ष मदन सिंह जी परमार, कुंभलगढ़ मंडल बीजेपी अध्यक्ष बब्बर सिंह चदाणा, छगन सिंह जी, पूर्व थानेदार नाथू सिंह जी और खमनोर कांग्रेस मंडल अध्यक्ष केसर सिंह जी सेमा जैसे दिग्गजों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। विशेष रूप से समाज की पहली महिला अधिकारी एईएन चेतना कंवर की मौजूदगी ने समाज की बेटियों को नई ऊर्जा प्रदान की। सम्मेलन का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि मेवाड़ राजपूत समाज अब परंपराओं के सम्मान के साथ-साथ आधुनिकता और शिक्षा के सामंजस्य से एक नए स्वर्णिम युग की ओर अग्रसर होगा।

Pratahkal Newsroom

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