विद्यालयों में तुलसी पूजन: बच्चों को संस्कार और स्वास्थ्य की शिक्षा
आमेट के विद्यालयों में संत श्री आशाराम जी आश्रम और योग वेदांत सेवा समिति द्वारा तुलसी पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। बच्चों को तुलसी के आध्यात्मिक, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय महत्व की जानकारी दी गई। कार्यक्रम से संस्कार, भक्ति और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा मिला।

आमेट, 23 दिसम्बर। आमेट में संत श्री आशाराम जी आश्रम के प्रेरित तुलसी पूजन कार्यक्रम का आयोजन आंचलिक उच्च प्राथमिक विद्यालय आमेट, ज्ञानोदय माध्यमिक विद्यालय और अन्य विद्यालयों में किया गया। श्री योग वेदांत सेवा समिति आमेट के तत्वाधान में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ और बच्चों को तुलसी के महत्व से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में बच्चों को बताया गया कि तुलसी केवल एक पौधा नहीं है, बल्कि यह वातावरण को शुद्ध करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में भी सहायक है। संत आशाराम बापू जी द्वारा वर्ष 2014 में प्रारंभ किए गए तुलसी पूजन अभियान के अवसर पर मोहल्ला वासियों एवं विद्यार्थियों को तुलसी की आध्यात्मिक, मानसिक और शारीरिक महत्ता के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि प्रतिदिन तुलसी पूजन करने से घर में शांति, सद्भाव और सकारात्मकता का संचार होता है। बच्चों को यह संदेश भी दिया गया कि तुलसी भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय है और इसके पूजन से भक्ति भाव में वृद्धि होती है। आश्रम के वक्ताओं ने तुलसी के संरक्षण का संदेश देते हुए कहा कि यह न केवल प्रकृति बल्कि मानव जीवन के लिए भी अत्यंत कल्याणकारी है।
सेवा समिति के सदस्य मनोहर और लादुलाल ने इस सेवा कार्य में सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण संरक्षण, संस्कार और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। इस पहल ने न केवल विद्यालयों में संस्कारों की शिक्षा दी, बल्कि समुदाय में सकारात्मक संदेश फैलाने का कार्य भी किया।
इस प्रकार, आमेट में आयोजित तुलसी पूजन कार्यक्रम ने बच्चों और मोहल्ला वासियों दोनों को स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता और पर्यावरण संरक्षण के महत्व से अवगत कराते हुए सामाजिक चेतना को मजबूती प्रदान की।
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Mubarik Ajnabi, Rajsamand
नाम: मुबारिक-अजनबी
वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)
कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)
अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव
परिचय एवं कार्यक्षेत्र
मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
बीट (मुख्य विषय)
- विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
- नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।
