लावासरदारगढ़। सरदारगढ़ कस्बे में शुक्रवार से सकल जैन समाज का तीन दिवसीय महाकुंभ महा रैली के साथ प्रारंभ हुआ। यह महाकुंभ हर तीसरे वर्ष अपनी जन्मभूमि सरदारगढ़ में आयोजित किया जाता है और पिछली बार वर्ष 2022 में संपन्न हुआ था। इस बार यह आयोजन 26 दिसंबर 2025 से शुरू हुआ।

इस महाकुंभ का आगाज सकल जैन समाज द्वारा प्रायोजित विशाल महा रैली के साथ हुआ, जिसमें समाज के सभी आयु वर्ग के लोगों ने भाग लिया और दिनभर चलने वाले विविध मनोरंजन कार्यक्रमों का आनंद उठाया। कार्यक्रम में देश-विदेश से प्रवास कर रहे सरदारगढ़ निवासी भी शामिल हुए। खास बात यह रही कि इस बार बेटियों के साथ दामादों को भी विशेष आमंत्रित किया गया, जिन्होंने इस अवसर पर ससुराल में अपनी यादों को ताजा किया।

सकल जैन समाज सरदारगढ़ न केवल सांस्कृतिक आयोजनों में सक्रिय है, बल्कि कस्बे के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देता रहा है। समाज की पहल पर तीन वर्ष पूर्व अपराधियों पर नजर रखने हेतु 23 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए, जिन पर करीब ₹3 लाख खर्च किए गए। इसके अलावा, विद्या निकेतन भवन के निर्माण में भी समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कस्बे के विकास में व्यक्तिगत योगदान देने वाले भामाशाहों में भंवरलाल डांगी की पत्नी स्वर्गीय मनोहर देवी डांगी के नाम पर कांकरोली सड़क मार्ग पर मुख्य स्वागत द्वार का निर्माण शामिल है, जिसमें लगभग ₹2 लाख 71 हजार की राशि व्यय हुई। भामाशाह सुरेश कच्छारा, रमेश कच्छारा और सुनिल कच्छारा ने अपने पिता स्वर्गीय सोहनलाल कच्छारा के नाम पर स्थानीय मोक्ष धाम परिसर में ₹3 लाख की लागत से विशाल टीन शेड का निर्माण करवाया।

भामाशाह सुनील बाफना ने सरदारगढ़ स्थित श्री जगन्नाथ गोपाल गौशाला में 5 लाख रुपए से अधिक की लागत से गो ग्रास शेड का निर्माण करवाया। वहीं, भामाशाह स्वर्गीय नानालाल संचेती ने गौशाला में पशुओं के लिए दो विशाल प्याऊ का निर्माण करवाया। भामाशाह लादूलाल गांधी ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में दो विशाल कक्षा कक्षों का निर्माण करवाया।

सकल जैन समाज के ये भामाशाह तन, मन और धन से सरदारगढ़ के विकास में योगदान दे रहे हैं और भविष्य में भी समाज के सभी कार्यकर्ता अपनी जन्मभूमि के विकास एवं विस्तार के लिए समर्पित रहेंगे। इस महाकुंभ ने न केवल सांस्कृतिक समरसता का संदेश दिया, बल्कि सरदारगढ़ कस्बे के सामाजिक और बुनियादी ढांचे के विकास में जैन समाज की स्थायी भूमिका को भी उजागर किया।

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Mubarik Ajnabi, Rajsamand

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नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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