आमेट। मेवाड़ की ऐतिहासिक धरा आमेट में गणतंत्र दिवस का राष्ट्रीय पर्व पूर्ण गरिमा, हर्षोल्लास और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के विशाल खेल मैदान में आयोजित इस उपखंड स्तरीय समारोह ने न केवल देशभक्ति का जज्बा जगाया, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक एकता और प्रशासनिक मुस्तैदी की एक अनुपम मिसाल भी पेश की।

समारोह का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि उपखंड अधिकारी गोविन्द सिंह रत्नू द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। तिरंगे की आन-बान और शान के बीच एसडीएम रत्नु ने परेड का सूक्ष्म निरीक्षण किया और मार्च पास्ट की सलामी ली। इस गौरवशाली क्षण के दौरान समूचा परिसर 'भारत माता की जय' के नारों से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी नारायण सिंह राव ने की, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में तहसीलदार पारस मल राणा, विकास अधिकारी गुलाब सिंह गुर्जर और थानाधिकारी ओम सिंह चुण्डावत ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

मंच की शोभा बढ़ाने हेतु पूर्व नेता प्रतिपक्ष रमन कंसारा, कृषि विभाग के सहायक अधिकारी सुरेन्द्र सिंह राजपूत, पूर्व सीबीईओ नरेंद्र सिंह चुण्डावत और एसीबीईओ राम अवतार मीणा जैसे प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे। शिक्षा जगत का प्रतिनिधित्व पीएम श्री राउमावि के प्रधानाचार्य प्रकाश चन्द्र प्रजापत, राबाउमावि की प्रधानाचार्य ज्योति जीनगर और स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल के प्रधानाचार्य निलेश कुमार खटीक ने किया।

समारोह का मुख्य आकर्षण स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे। आमेट नगरपालिका क्षेत्र के विभिन्न राजकीय और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों पर अपनी कला का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से मुस्कान कुमावत द्वारा 'नारी सशक्तिकरण' पर पढ़ी गई ओजस्वी कविता ने उपस्थित जनसमूह में एक नई ऊर्जा का संचार किया।

उत्कृष्टता को सम्मान देने की परंपरा को निभाते हुए प्रशासन ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट सेवाएं देने वाले शिक्षकों, कर्मठ कर्मचारियों, मेधावी विद्यार्थियों और समर्पित समाजसेवियों को मोमेंटो एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का कुशल और प्रभावी संचालन उप प्राचार्य बाबुलाल सालवी एवं प्राध्यापक राखी आर्य द्वारा किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन पीएम श्री राउमावि के प्रधानाचार्य प्रकाश चन्द्र प्रजापत ने व्यक्त किया।

इस ऐतिहासिक उत्सव के साक्षी समाजसेवी चतर लाल डांगी, महेंद्र कुमार हिरण, मदन लाल पुरोहित, प्राध्यापक जगदीश चन्द्र शर्मा, मनोज कुमार शर्मा, शिक्षक मुकेश वैष्णव, जोरावर सिंह राव और भरत पालीवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी बने। यह समारोह केवल एक सरकारी आयोजन मात्र नहीं था, बल्कि यह आमेट की जनता के संकल्प और राष्ट्र के प्रति उनकी अटूट निष्ठा का जीवंत प्रतिबिंब बनकर उभरा।

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