आमेट। राजसमंद जिले के आमेट नगर में इन दिनों विकास की रफ्तार भारी वाहनों के पहियों के नीचे दबी नजर आ रही है। आमेट-भीलवाड़ा मुख्य मार्ग पर ग्रेनाइट और फेल्सपार से लदे 40 से 50 टन वजनी विशालकाय ट्रोले आमजन के लिए मुसीबत का सबब बन चुके हैं। नगर के बीचों-बीच से गुजरने वाले इन भारी वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है, जिससे न केवल राहगीर और छोटे वाहन चालक परेशान हैं, बल्कि समूचा व्यापारिक क्षेत्र भी इसकी चपेट में है। यह मुख्य मार्ग नगर का हृदय स्थल है, जहां दिनभर ग्राहकों और राहगीरों की भारी भीड़ रहती है, लेकिन भीमकाय ट्रकों की अनवरत आवाजाही ने यहां के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, भीलवाड़ा की ओर से गुजरात जाने वाले भारी मालवाहक वाहन इसी संकरे बाजार मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क के दोनों किनारों पर बैंक, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और दुकानें स्थित होने के कारण वहां ग्राहकों और कर्मचारियों के वाहन खड़े रहते हैं। ऐसे में जब ये विशालकाय ट्रोले वहां से गुजरते हैं, तो सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो जाती है और घंटों तक लंबा जाम लग जाता है। विशेष रूप से रामद्वारा क्षेत्र के पास स्थिति अत्यंत भयावह हो जाती है, जहां संकरा मोड़ होने के कारण लंबे ट्रोले मुड़ने में असमर्थ रहते हैं और बीच सड़क पर फंस जाते हैं। इस जाम में एंबुलेंस और स्कूली बच्चों की बसें घंटों फंसी रहती हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में घातक सिद्ध हो सकता है।

नगरवासियों के लिए यह समस्या अब केवल यातायात की बाधा नहीं, बल्कि सुरक्षा का गंभीर मुद्दा बन गई है। स्थानीय नागरिक नुरुद्दीन बोहरा ने अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि पूर्व में एक ट्रोले का टायर फटने से उछले रबर के टुकड़े से वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। व्यापारियों का दर्द भी कम नहीं है; उनका कहना है कि ये ट्रोले अक्सर दुकानों के बाहर लगे टीनशेड तोड़ देते हैं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ-साथ हमेशा डर के साये में रहना पड़ता है। 50 टन वजनी इन वाहनों का भीड़भाड़ वाले क्षेत्र से गुजरना किसी बड़ी अनहोनी को खुला निमंत्रण देने जैसा है।

इस विकट समस्या को लेकर अब नगर का आक्रोश फूट पड़ा है। व्यापारी वर्ग और स्थानीय नागरिक नारायण सिंह भाटी, सुनील कोठारी, ताहेर अली बोहरा, हीरालाल सिंधी (पूर्व जनरल व्यापार मंडल अध्यक्ष), प्रभुलाल सोनी, अब्दुल हक, नाथूनाथ योगी, नुरुद्दीन बोहरा, किशन सुथार, प्रकाश खटीक, छोटू बागवान, सुनील पालीवाल, मनीष सेठ, संजय सेठ, पवन सेठ, पन्नालाल बागवान, पिंटू मिस्त्री, प्रभुलाल गुर्जर और किरण खटीक सहित बड़ी संख्या में नागरिकों ने प्रशासन से गुहार लगाई है। सभी ने एक स्वर में आमेट-भीलवाड़ा रोड पर शीघ्र बाईपास मार्ग निर्माण की मांग उठाई है। नगरवासियों का स्पष्ट कहना है कि बाईपास ही इस समस्या का एकमात्र स्थायी समाधान है, जिससे नगर को भारी वाहनों से मुक्ति मिलेगी और संभावित सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सकेगी। जनता ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में होने वाले किसी भी बड़े हादसे की जिम्मेदारी शासन की होगी।

Pratahkal Bureau

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