आमेट/कपासन: रज्ब माह की चांद रात के अवसर पर प्रख्यात सूफी संत हजरत दीवाना शाह र.अ. की दरगाह शरीफ पर जायरीन और आशिके दीवाना का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही दर्शनार्थियों की कतारें बुलंद दरवाजे तक लंबी-लंबी लग गईं, जिससे दरगाह का माहौल श्रद्धा और आस्था से पूर्ण हो गया।

दरगाह कार्यालय के सचिव शफी मोहम्मद छीपा ने बताया कि चंद्र दर्शन की शुरुआत होते ही जायरीन की आवक शुरू हो गई। मेला ग्राउंड में 300 से अधिक अस्थायी दुकानें सजाई गईं, जहाँ जायरीन के लिए विविध धार्मिक और सांस्कृतिक सामान उपलब्ध थे। मिलाद ख्वा हजरत ने महफिले मिलाद का आयोजन किया, जबकि कव्वालों ने बारी-बारी अपने कलाम पेश कर श्रद्धालुओं की आत्मा को भक्ति और संगीत से मंत्रमुग्ध कर दिया।

बुलंद दरवाजे के बाहर पार्किंग स्थल भी वाहनों से भरा रहा। सांयकाल चिराग बत्ती के समय पूरी दरगाह परिसर में अमन, सुकून और खुशहाली की दुआ की गई, जिसमें “आमीन, आमीन” की आवाज़ों ने माहौल को और भी दिव्य बना दिया।

इस अवसर पर विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि अजमेर स्थित हजरत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती र.अ. की दरगाह पर उर्स का आयोजन भी इसी माह में होने जा रहा है, जिसके चलते कपासन दरगाह पर जायरीन की आवक लगातार बनी रहेगी। स्थानीय प्रशासन और दरगाह प्रबंधन ने सुरक्षा व सुविधाओं का विशेष ध्यान रखते हुए कार्यक्रम को व्यवस्थित और शांतिपूर्ण रूप से संपन्न कराने का प्रयास किया।

चांद रात पर हजरत दीवाना शाह र.अ. की दरगाह पर उमड़ी इस श्रद्धालु भीड़ ने न केवल आध्यात्मिक माहौल को गहराई प्रदान की, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक और धार्मिक जीवन में इस आयोजन की महत्वपूर्ण भूमिका को भी स्पष्ट किया।

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

Mubarik Ajnabi, Rajsamand

नाम: मुबारिक-अजनबी

वर्तमान पद: प्रतिनिधि (प्रातःकाल, आमेट)

कार्यक्षेत्र: आमेट, जिला राजसमन्द (राजस्थान)

अनुभव: 25 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव

परिचय एवं कार्यक्षेत्र 

मुबारिक-अजनबी राजस्थान के राजसमन्द जिले के आमेट तहसील क्षेत्र के अनुभवी पत्रकार हैं। वर्तमान में वह 'प्रातःकाल' के प्रतिनिधि के रूप में कार्यरत हैं। वह आमेट तहसील और उसके आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों से नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

बीट (मुख्य विषय)

  • विशेष कवरेज: आमेट तहसील क्षेत्र से क्राइम (अपराध) और सांस्कृतिक खबरों की विशेष रिपोर्टिंग।
  • नियमित कवरेज: स्थानीय राजनीति, प्रशासन, कानून-व्यवस्था, सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दे।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

एम.ए. (M.A.) - कला स्नातकोत्तर की डिग्री।

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